पोस्ट से थोड़ी ही दूरी पर ट्रैवल वैन से शराब उतारी जा रही थी: क्या PI और एडमिनिस्ट्रेटर की सरपरस्ती में करोड़ों का धंधा चल रहा था?
अहमदाबाद: अहमदाबाद शाहरकोटडा पुलिस स्टेशन की हद में पूजालाल नाथूलाल के खुले प्लॉट से प्रिवेंशन ऑफ क्राइम ब्रांच (PCB) की रेड ने न सिर्फ शराब तस्करों के होश उड़ा दिए हैं, बल्कि लोकल पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। राजस्थान से ट्रैवल वैन में आ रही शराब खुलेआम लोडिंग रैंप पर उतारी जा रही थी और लोकल पुलिस ‘अंधेरे में’ थी? यह अब मानने लायक बात नहीं रही। PCB की इस कामयाब रेड के बाद अब लोकल पुलिस स्टेशन के PI, D-स्टाफ और एडमिनिस्ट्रेटर की भूमिका शक के घेरे में आ गई है।
खाकी की नाक के नीचे शराब का धंधा चल रहा था!
राजस्थान से आने वाली प्राइवेट ट्रैवल्स की बसें खुले प्लॉट में आकर खड़ी हो जातीं, घंटों शराब कटती, बोतलें बदलतीं और शहरकोटडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती? इतना बड़ा नेटवर्क लोकल पुलिस और एडमिनिस्ट्रेटर की कृपा के बिना चल पाना नामुमकिन था। चर्चा तो यह भी है कि एडमिनिस्ट्रेटर ने हर महीने लाखों रुपये की किश्तें तय करके बूटलेगरों को “हरी झंडी” दे रखी थी। PCB की रेड ने लोकल पुलिस के ‘एडमिनिस्ट्रेशन’ की नींव हिला दी है।
26.91 लाख का माल जब्त: एडमिनिस्ट्रेटर की नींद उड़ी!
रेड के दौरान PCB टीम को 3.78 लाख रुपये कीमत की 1432 विदेशी शराब की बोतलें, ट्रैवल्स बसें, टेंपो और बाइक मिलीं और कुल 26.91 लाख रुपये का माल जब्त किया गया। बस ड्राइवर मोहसिन शेख और मख्तूराम वंजारा को मौके से गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 बूटलेगर फरार हो गए हैं।
बड़ा सवाल: क्या इन फरार आरोपियों को भगाने में किसी का “इंस्ट्रक्शन” था? शराब तस्करों को तो जेल भेज दिया जाएगा, लेकिन क्या होम डिपार्टमेंट या कमिश्नर लेवल पर इस वसूली के खेल में शामिल लोकल एडमिनिस्ट्रेटर्स और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त एक्शन लिया जाएगा, या हर बार की तरह कागजों पर आंकड़े दिखाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?

