वासो / खेड़ा : खेड़ा जिले के वासो पंथक में मेघराजा ने तूफान का रूप ले लिया है, जिससे हर तरफ वॉटर-बम जैसी स्थिति बन गई है। वासो में हुई करीब 17 इंच भारी बारिश से पूरे पंथक में भारी तबाही के मंजर बन गए हैं। गांव के मुख्य बाजारों, सोसाइटियों और निचले इलाकों में बाढ़ जैसा पानी भर जाने से जन-जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान
भारी बारिश के कारण वासो का मुख्य बाजार घुटनों तक पानी में डूब गया। व्यापारियों की दुकानों, गोदामों और केबिनों में बाढ़ का पानी घुसने से अनाज, किराने का सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़े समेत कीमती सामान भीगकर बर्बाद हो गया। इस अचानक आई मुसीबत के कारण स्थानीय व्यापारियों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
“प्री-मानसून का काम सिर्फ कागजों पर?” – व्यापारियों में गुस्सा
दुकानों और घरों में पानी भर जाने से लोकल व्यापारियों और गांववालों में एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ भारी गुस्सा है। व्यापारियों ने सीधे तौर पर एडमिनिस्ट्रेशन की परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि:
नालों की सफाई में लापरवाही: मानसून से पहले बरसाती नालों और नालियों की ठीक से सफाई न होने की वजह से पानी की निकासी रुक गई है।
प्रशासन की कोई प्लानिंग नहीं: हर साल थोड़ी सी बारिश में ही पानी भरने की समस्या हो जाती है, फिर भी एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से कोई पक्का हल नहीं निकाला जा रहा है। मानसून से पहले के काम के नाम पर सिर्फ सरकारी पैसे की बर्बादी हो रही है।
व्यापारियों की मुआवजे की मांग
बारिश का पानी भरने से जिन व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है, उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन से तुरंत सर्वे कराने और नुकसान का सही मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा, जमा हुए पानी को जल्दी निकालने के लिए पंप लगाने की भी पब्लिक में मांग है।

