Homeभारतगुजरातसीहोर पंथक मिनरल चोरी का सेंटर बन गया है! माइनिंग और पुलिस...

सीहोर पंथक मिनरल चोरी का सेंटर बन गया है! माइनिंग और पुलिस की माफिया से खुली ‘सेटिंग’? करोड़ों की रॉयल्टी चोरी पर प्रशासन नींद में!

भावनगर ज़िले का सीहोर पंथक अब मिनरल माफिया के लिए ‘सोने की खान’ और काले धंधे का मेन सेंटर बन गया है! नदियों, नहरों और सरकारी ज़मीनों से दिन-रात करोड़ों रुपये की रेत और मिनरल्स गैर-कानूनी तरीके से चुराए जा रहे हैं, फिर भी माइंस और मिनरल्स डिपार्टमेंट और लोकल पुलिस आंखें मूंदकर नींद में सो रही है। यह कोई आम लापरवाही नहीं है, बल्कि सनसनीखेज आरोप लगे हैं कि प्रशासन और माफिया के बीच बड़ी आर्थिक ‘सेटिंग’ खुलेआम चल रही है!

करोड़ों की रॉयल्टी चोरी: सरकारी खजाने को बड़ा झटका!

सीहोर और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में मिनरल माफिया का बोलबाला हो गया है। हाई-टेक JCB, पोकलैंड मशीन और ओवरलोडेड डंपरों से खदानों और नदियों की खुदाई करके दिन-रात काला धंधा फल-फूल रहा है:

सरकारी खजाने को झटका: मिनरल माफिया हर महीने करोड़ों रुपये की रॉयल्टी चुराकर अपनी जेबें भर रहा है और खुदाई-खुदाई करके सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा है।

सड़कें धूल भरी हो रही हैं: क्षमता से ज़्यादा लोड किए गए ओवरलोडेड डंपरों की वजह से ग्रामीण इलाकों की सड़कें धूल भरी हो गई हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं।

पर्यावरण का विनाश: कानून को ताक पर रखकर नदियों की तलहटी में गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, जिससे ग्राउंडवाटर लेवल और पर्यावरण को ऐसा नुकसान हो रहा है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।

माइन्स और मिनरल्स और पुलिस के बीच ‘हप्ताराज’?

सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि प्रशासन के अधिकारियों को उन सड़कों पर यह गैर-कानूनी खेल क्यों नहीं दिखता, जहां दिन-रात सैकड़ों डंपर गुजरते हैं? लोकल लोगों के मुताबिक, इतना बड़ा स्कैम माइंस एंड मिनरल्स डिपार्टमेंट और पुलिस सिस्टम की मेहरबानी के बिना मुमकिन नहीं है! चूंकि हर महीने लाखों-करोड़ों रुपये की किश्तें सेट हो रही हैं, इसलिए अधिकारी गांधीजी के तीन बंदर बन गए हैं। जब कोई विरोध होता है, तो तथाकथित रेड मारकर ‘चोर-पुलिस’ का खेल खेला जाता है, लेकिन जांच कभी भी मेन ठिकानों और मालिकों तक नहीं पहुंचती!

  1. सीहोर से हर दिन करोड़ों की रेत और मिनरल्स गायब हो रहे हैं, तो माइंस एंड मिनरल्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने कौन सा चश्मा पहना हुआ है?
  2. क्या कानून एक्सटॉर्शन की सेटिंग के आगे बेबस हो गया है? ताकतवर मिनरल माफिया के खिलाफ बुलडोजर कब चलेगा?
  3. सरकारी प्रॉपर्टी लूटने वाले इन माफियाओं और उन्हें पनाह देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच कब होगी? अगर सिस्टम अब भी नहीं जागा और इस काले धंधे पर नकेल नहीं कसी, तो ‘पाको गुजरात’ सीहोर के लोगों के साथ मिलकर इस स्कैम में शामिल हर खिलाड़ी का नाम सामने लाता रहेगा!
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments