एक ही रात में 52 किलोमीटर नंगे चलने की रहस्यमयी कहानी पर हाई कोर्ट का बड़ा सवाल, ‘जयराजसिंह के गढ़’ में निष्पक्ष जांच होगी या केस CBI को सौंपा जाएगा?
अहमदाबाद/गोंडल: गुजरात हाई कोर्ट ने विवादित और विवादित राजकुमार जाट केस में बहुत सख्त रुख अपनाया है, जिससे पूरे राज्य की राजनीति और पुलिस फोर्स में भारी हंगामा मचा हुआ है। हाई कोर्ट ने इस केस में CCTV फुटेज की पूरी और सटीक जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने एक बहुत ही संवेदनशील सवाल उठाया है कि कोई भी व्यक्ति एक ही रात में 52 किलोमीटर की दूरी नंगे कैसे चल सकता है?
हाई कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने सभी CCTV फुटेज और सबूतों की ठीक से जांच नहीं की, तो गणेश गोंडल और राजकुमार जाट केस की जांच तुरंत CBI (सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) को सौंप दी जाएगी।
राजकुमार जाट केस में हाई कोर्ट ने … एक ही रात में 52 किलोमीटर की दूरी नंगे कैसे चल सकता है?
राजकुमार जाट केस में हाई कोर्ट ने एक ही रात में 52 किलोमीटर की दूरी नंगे कैसे चल सकता है?
राजकुमार जाट केस में हाई कोर्ट ने एक ही रात में 52 किलोमीटर की दूरी नंगे कैसे चल सकता है?
राजकुमार जाट केस में हाई कोर्ट ने एक ही रात में 52 किलोमीटर की दूरी नंगे कैसे चल सकता है?
राजकुमार जाट केस में हाई कोर्ट ने एक ही रात में 52 किलोमीटर की दूरी नंगे कैसे चल सकता है?
राजकुमार जाट केस में CCTV जांच और पर्यावरण से जुड़े सवालों का बवंडर
राजकुमार जाट के साथ हुई कथित घटना के बाद सामने आई दलीलों पर हाई कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं:
52 किलोमीटर का रहस्य: एक रात में 52 किलोमीटर बिना कपड़ों के चलना कितना प्रैक्टिकली और फिजिकली मुमकिन है?
पुलिस जांच पर सवाल: क्या लोकल पुलिस कहीं नरम रवैया दिखा रही है? क्या CCTV में कुछ सुराग छिपाने या नज़रअंदाज़ करने की कोशिश की गई है?
पब्लिक बहस: क्या जयराजसिंह के दबदबे के बीच CBI जांच मुमकिन होगी?
गोंडल की पॉलिटिक्स में पूर्व MLA जयराजसिंह जडेजा और उनके परिवार का असर जगजाहिर है। इस हाई-प्रोफाइल केस से गणेश गोंडल का नाम जुड़ा है, जिससे लोगों और सोशल मीडिया पर कई चर्चाएं हुई हैं।
अब आम नागरिकों और एनालिस्ट्स द्वारा पूछा जा रहा बड़ा सवाल यह है कि जब तक गोंडल में जयराजसिंह जडेजा का पॉलिटिकल दबदबा है, क्या लोकल पुलिस या कोई दूसरी एजेंसी निष्पक्ष जांच कर पाएगी? या जब हाई कोर्ट के आदेश पर CBI केस अपने हाथ में लेगी तो सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा? हाई कोर्ट की धमकी से स्कैमर्स और क्रिमिनल्स चुप हो गए
हाई कोर्ट के इस रुख से एक बात तो साबित हो गई है कि कानून और कोर्ट की नज़र में कोई भी रोक-टोक ज़्यादा नहीं है। अगर लोकल पुलिस की जांच में कोई लापरवाही या भेदभाव दिखा, तो CBI की एंट्री तय है। अब सबकी नज़रें पुलिस की तरफ से पेश की जाने वाली CCTV जांच रिपोर्ट और हाई कोर्ट के आने वाले सख्त आदेशों पर हैं।

