महामंगलकारी जिनवाणी रूपी प्रवचन का हुआ शुभारंभ
महिदपुर रोड चातुर्मास हेतु विराजित परम पूज्य साध्वी श्री डां अमृत रसा श्री जी महाराज साहब ने मंगलवार को धर्म सभा में अमृतमय जिनवाणी वाणी का रस पान कराते हुए कहा कि चातुर्मास चार माह में आत्मा की साधना करने का श्रेष्ठ अवसर है एक साधक के लिए साधना का सर्वश्रेष्ठ सीजन है चातुर्मास, विराधना से आराधना में जुड़ने का अवसर है चातुर्मास, परमात्मा ने पांच प्रकार के त्याग बताए हैं प्रथम पाप का त्यागकरना, परनिंदा का त्याग करना, प्रमाद का त्याग करना, प्रपंच छल कपट का त्याग करना, परिग्रह का त्याग करना करना चाहिए जिससे हमारी आत्मा का कल्याण हो।
प्रवचन प्रभावना का लाभ अजय कुमार आशीष कुमार चौरडिया परिवार ने लिया,जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शांत सुधारशं, एवं भीमसेन चरित्र शास्त्र का चार माह तक पूज्य साध्वी जी के मुखारविंद से वाचन होगा जिसका लाभ क्रमशः पारसमल अनोखी लाल भंडारी परिवार, समरथमल शुभम कुमार संकेश कुमार चौरडिया परिवार, पांच ज्ञान की वाक्ष्कक्षेप से पूजा, दोनों शास्त्र की अष्टप्रकारी पूजा ज्ञान की आरती का लाभ सुरेश चंद रमेश चंद मुकेश कुमार राज कोचर , राजेंद्र कुमार ऋषभ कुमार बरडिया, विजय कुमार पीयूष कुमार बरडिया परिवार द्वारा लिया गया। प्रथम दिवस पर परमात्मा का वर्धमान शक्रस्तव अभिषेक किया गया जो निरंतर चार माह तक चलेगा प्रत्येक परिवारों को अभिषेक करने का अवसर प्रदान किया जाएगा प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे भक्तांबर & गुरु गुण इक्कीसा पाठ होगा।
प्रतिदिन प्रवचन प्रातः 9:15 से 10:15 बजे तक रहेंगे समाज के सभी महानुभावों से जैन श्री संघ अध्यक्ष अजय चौरडिया एवं चातुर्मास समिति अध्यक्ष परेश चतर द्वारा सभी समाज जनों से अनुरोध किया गया है कि चातुर्मास में प्रतिदिन आयोजित होने वाले समस्त धार्मिक कार्यक्रमों में सपरिवार उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।

