अहमदाबाद/सूरत: सोशल मीडिया पर अपनी बुलीइंग, अभद्र भाषा और विवादित रील्स से रातों-रात खबरों में रहने की आदत रखने वाली सो-कॉल्ड सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कीर्ति पटेल पर आखिरकार कानून का चाबुक चला ही है। क्रिमिनल सोच और विवादों से पुराना नाता रखने वाली कीर्ति पटेल को इंडिया में बड़ा झटका लगा है। इंडिया सरकार और साइबर डिपार्टमेंट के सख्त एक्शन के बाद उनका ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट इंडिया में बैन कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर हवा में उड़ने वाली कीर्ति पटेल के ज़मीन पर गिरने से उनके फैंस और सपोर्टर्स में सन्नाटा पसर गया है।
रॉबरी, फ्रॉड और धमकी: 10 से ज़्यादा गंभीर क्राइम का एक बेड़ा!
कीर्ति पटेल सिर्फ़ सोशल मीडिया पर हंगामा करने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका क्रिमिनल हिस्ट्री भी बहुत गंभीर रहा है। उनके खिलाफ़ राज्य के अलग-अलग पुलिस थानों में एक-दो नहीं बल्कि 10 से ज़्यादा गंभीर केस दर्ज हैं:
हत्या की कोशिश (307): गुस्से में आकर और बुज़ुर्गों पर हमला करने और हत्या की कोशिश करने का आरोप।
लूट और धोखाधड़ी: लोगों को धमकाकर उनसे पैसे ऐंठना, धोखाधड़ी करना और एंटी-सोशल एलिमेंट्स की मदद से हंगामा करना।
पब्लिक में गाली-गलौज और धमकियां: सोशल मीडिया पर लाइव होकर कानून तोड़ना और पब्लिक की शांति भंग करना।
साइबर क्राइम और सिस्टम की लाल आंख: दिखावा करने वालों के लिए एक बड़ा सबक
ऐसी शिकायतें थीं कि कीर्ति पटेल, जिनके इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं, अपने सोशल मीडिया हैंडल का इस्तेमाल एंटी-सोशल एक्टिविटीज़ और लोगों को धमकाने के लिए कर रही थीं। लगातार बढ़ती क्रिमिनल एक्टिविटीज़ और पुलिस केस को ध्यान में रखते हुए, आखिरकार एक बड़ा कदम उठाया गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया: उनका अकाउंट ब्लॉक/बैन कर दिया गया है, जिससे साबित होता है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। दूसरे इन्फ्लुएंसर के लिए चेतावनी: यह एक्शन उन तथाकथित ‘इन्फ्लुएंसर’ के लिए एक बड़े सबक जैसा है जो सोशल मीडिया पर गुंडागर्दी करते हैं और कानून को अपनी जेब में रखते हैं।
सवाल यह है… वे सलाखों के पीछे कब जाएंगे?
जिस अकाउंट से कीर्ति पटेल अपनी हेकड़ी दिखाती थीं, उसे बैन कर दिया गया है, लेकिन गुजरात के लोग अब बस एक ही सवाल पूछ रहे हैं: 10-10 गंभीर केस और हत्या की कोशिश जैसे जुर्म के बावजूद, ऐसी विवादित महिला को हमेशा के लिए सलाखों के पीछे कब भेजा जाएगा? सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस सिस्टम अब उनके खिलाफ किस तरह की सख्त कार्रवाई करेगा और क्या उन्हें कानून का सच्चा डर दिखता है या नहीं!

