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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग तेज! E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग के मुद्दे पर ‘E20 जनता पार्टी’ का मोर्चा, मोदी सरकार घिरी

नई दिल्ली/अहमदाबाद: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है, अब केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ विपक्ष का दावा और मजबूत हो गया है। पेट्रोलियम में 20 परसेंट इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) की पॉलिसी और इससे आम गाड़ी चलाने वालों को हो रहे नुकसान के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए ‘E20 जनता पार्टी’ ने अब सीधे नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग उठा दी है।

देश भर में E20 फ्यूल के खिलाफ विरोध के बवंडर के बीच इस घटनाक्रम ने केंद्र सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
E20 फ्यूल या गाड़ी चलाने वालों की जेब पर डाका? सुलगते सवाल
‘E20 जनता पार्टी’ और गाड़ी चलाने वालों का आरोप है कि इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल के नाम पर आम जनता पर पैसे का बोझ डाला जा रहा है।

इंजन खराब होना और माइलेज में कमी: 20% इथेनॉल वाले पेट्रोल की वजह से पुरानी गाड़ियों के इंजन तेज़ी से खराब हो रहे हैं और गाड़ियों के माइलेज में भी बड़ी कमी दर्ज की जा रही है।

किसानों और जनता से ज़्यादा उद्योगपतियों को फ़ायदा?: ऐसे मज़बूत आरोप हैं कि पॉलिसी के नाम पर इथेनॉल बनाने वालों और शुगर लॉबी को भारी फ़ायदा पहुंचाया जा रहा है।

कस्टमर्स को कोई राहत नहीं: इथेनॉल की प्रोडक्शन कॉस्ट कम होने के बावजूद, पेट्रोल की कीमतें कम करने के बजाय जनता से पूरा पैसा वसूला जा रहा है।

“धर्मेंद्र प्रधान गए, अब गडकरी की बारी!” – E20 जनता पार्टी का नारा

E20 जनता पार्टी के नेताओं ने साफ़ चेतावनी दी है कि अगर सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग की इस पॉलिसी पर दोबारा विचार नहीं करती है और गाड़ी चलाने वालों के हित में फ़ैसले नहीं लेती है, तो पूरे देश में ज़ोरदार विरोध और आंदोलन किए जाएँगे।

उन्होंने मांग की है कि जैसे एजुकेशन मिनिस्टर को एग्जाम रिफॉर्म और अव्यवस्था की ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा देना पड़ा, वैसे ही नितिन गडकरी को भी नाकाम पॉलिसी और गाड़ी चलाने वालों को परेशान करने की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।

सवाल यह है… क्या सरकार लोगों की आवाज़ सुनेगी?

एक ​​तरफ़ एनवायरनमेंट और फॉरेन एक्सचेंज बचाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ सड़क पर चलने वाला आम आदमी अपनी कार और जेब दोनों के नुकसान से तड़प-तड़प कर रो रहा है। अब देखना यह है कि ‘E20 जनता पार्टी’ के इस हमले के बाद सरकार अपनी इथेनॉल पॉलिसी में कोई सुधार लाती है या विरोध का यह माहौल और तेज़ होता है!

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