मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय गण वार्ता पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरीं किन्नर प्रत्याशी और महामंडलेश्वर संजना सिंह का अनोखा चुनाव प्रचार चर्चा का विषय बना हुआ है। वह घर-घर जाकर पहले ‘नजर उतारने’ की रस्म निभा रही हैं और आशीर्वाद देने के बाद वोट की अपील कर रही हैं।
दतिया: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का माहौल इन दिनों पूरी तरह से बदला हुआ है। पारंपरिक राजनीतिक रैलियों और भाषणों के बीच भारतीय गण वार्ता पार्टी की उम्मीदवार और किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर संजना सिंह ने अपने अनोखे चुनाव प्रचार से हर किसी का ध्यान खींच लिया है। वोट मांगने से पहले पारंपरिक ‘नजर उतारने’ की रस्म अदा करते हुए वह घर-घर जाकर लोगों से सीधा संवाद कर रही हैं।
संजना सिंह जब भी किसी के घर पहुंचती हैं, तो चुनावी बात करने से पहले वहां मौजूद बच्चों और परिवार के सदस्यों को आशीर्वाद देती हैं। इस अनूठे तरीके से उनका यह चुनावी कैंपेन किसी रस्मी राजनीतिक दौरे की जगह एक सांस्कृतिक और सामाजिक मेल-जोल में बदल जाता है। शनिवार को उनके प्रचार अभियान को उस वक्त और मजबूती मिली, जब छत्तीसगढ़ से प्रसिद्ध ट्रांसजेंडर संत साध्वी सौम्या दीदी दतिया पहुंचीं।
जनता से सीधा जुड़ाव और महिलाओं के मुद्दे
हम रोज अपनी कैंपेन प्लानिंग करते हैं, लेकिन ज्यादातर समय जरूरत ही नहीं पड़ती क्योंकि लोग खुद हमें अपने घर बुलाते हैं। संजना सिंह, किन्नर महामंडलेश्वर
चुनाव प्रचार के दौरान संजना सिंह का पूरा फोकस आम जनता की दिक्कतों को सुनने पर है। संजना के मुताबिक, जिन घरों में बच्चे का जन्म होता है या कोई शुभ कार्य होता है, वहां से बुलावा आता है और वह सबसे पहले वहां पहुंचकर नजर उतारती हैं तथा आशीर्वाद देती हैं, जिससे एक गहरा जुड़ाव बन जाता है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए संजना सिंह का अनूठा घर-घर प्रचार अभियान जारी है।
प्रचार के दौरान वह सबसे पहले बच्चों और परिवारों को आशीर्वाद देकर ‘नजर उतारने’ की रस्म निभाती हैं।
छत्तीसगढ़ की ट्रांसजेंडर सीअर साध्वी सौम्या दीदी ने भी उनके प्रचार में पहुंचकर समर्थन दिया है।
गांवों के दौरे के दौरान महिलाओं ने उनसे मुख्य तौर पर जमीन से जुड़े विवादों और कानूनी अधिकारों की जानकारी न होने की बात साझा की है।
संजना का कहना है कि लोग राजनेताओं से उनकी सीधी पहुंच की तारीफ करते हैं और बदलाव चाहते हैं।
समाज की सोच बदलने का बड़ा मिशन
सामाजिक न्याय विभाग की पूर्व कर्मचारी रहीं संजना सिंह का कहना है कि उन्होंने जनता के बीच आने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ी है, जो समाज की सोच को बदलने के उनके बड़े मिशन का हिस्सा है। उनका मानना है कि उनके समुदाय ने भेदभाव और नफरत का सामना किया है, और जब तक घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात नहीं होगी, तब तक समाज का नजरिया नहीं बदलेगा। बीजेपी और कांग्रेस के पारंपरिक मुकाबले के बीच संजना का यह अनोखा अभियान दतिया उपचुनाव की सबसे बड़ी चर्चा बन गया है।

