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मोयामोया बीमारी से पीड़ित गौरव दुनिया छोड़ने से पहले बने ‘रियल हीरो’, अंगदान से चार लोगों को दी नई जिंदगी, अहमदाबाद में धड़केगा दिल

मध्यप्रदेश के इंदौर के गौरव दवे की मौत के बाद उनके परिजनों ने अंगदान का फैसला लिया है। अंगदान से चार लोगों को नया जीवन मिला है। इसके लिए इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। गौरव दवे एक कास्टिंग डायरेक्टर थे।

हाइलाइट्स

इंदौर के गौरव दवे ब्रेन डेड घोषित
परिवार ने लिया अंगदान का फैसला
किडनी, लीवर और हार्ट किया दान
इंदौर में फिर से बना ग्रीन कॉरिडोर

इंदौर: खजूरी बाजार निवासी 25 वर्षीय गौरव दवे ने अपनी जिंदगी में फिल्मों, टीवी सीरियल और वेब सीरीज के लिए कलाकारों का चयन किया। पर्दे पर हीरो बनाने का काम करने वाले गौरव अब अपनी मौत के बाद रियल जिंदगी के हीरो बन गए हैं। ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लिया, जिससे चार गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी। सोमवार को गौरव के अंगदान के लिए शहर में चार महीने बाद 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

कास्टिंग डायरेक्टर थे गौरव

गौरव दवे पेशे से कास्टिंग डायरेक्टर थे। वह वर्ष 2021 से फिल्म और वेब सीरीज से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे थे। उन्होंने इंदौर में शूट हुई अभिनेता विक्की कौशल और सारा अली खान की फिल्म ‘जरा हटके जरा बचके’ में कास्टिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में अपनी शुरुआत की थी। इसके बाद भी वह कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे और कलाकारों के चुनने में अहम भूमिका निभाते रहे।

ब्रेम हैमरेज से मौत

परिजनों के अनुसार कुछ दिन पहले गौरव को अचानक तेज सिरदर्द की शिकायत हुई थी। पहले उन्हें इलाज के लिए मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक दिन उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया लेकिन अगले ही दिन फिर सिरदर्द बढ़ने पर राजश्री अपोलो अस्पताल ले जाया गया। यहां जांच के दौरान ब्रेन हैमरेज की पुष्टि हुई। 16 जुलाई को उनकी ब्रेन सर्जरी की गई।

मोयामोया नाम की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित

इसी दौरान डॉक्टरों को पता चला कि गौरव मोयामोया नाम की बेहद दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थे। बताया गया कि इस बीमारी का यह दुनिया का आठवां और भारत का तीसरा मामला है। तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और 26 जुलाई की सुबह करीब सात बजे डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

परिवार ने अंगदान की दी सहमति

इस कठिन समय में परिवार ने बड़ा फैसला लेते हुए अंगदान की सहमति दी। मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट के जीतू बागानी ने बताया कि गौरव की बहन वैदही राठी, बहनोई पलकेश राठी और भाई रितिक चावरे ने माता-पिता सतीश दवे और कविता दवे को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया। इसके बाद पूरे परिवार ने एकमत होकर अंगदान का निर्णय लिया।

इंदौर में बना ग्रीन कॉरिडोर

सोमवार सुबह 7.30 बजे इंदौर में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। गौरव का हृदय अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती एक मरीज को प्रत्यारोपित किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल की टीम रविवार देर रात सड़क मार्ग से इंदौर पहुंची थी और सोमवार सुबह 8.45 बजे विमान से हृदय लेकर रवाना हुई। वहीं, उनका लिवर अपोलो अस्पताल में भर्ती एक मरीज को लगाया जाएगा। दोनों किडनियां चोइथराम अस्पताल में दो अलग-अलग मरीजों को प्रत्यारोपित की जाएंगी। गौरव के परिवार में माता-पिता और एक बहन हैं, जिसकी शादी करीब आठ महीने पहले हुई थी।

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