झालोद की सोशल वर्कर नीलम एम. वसैया ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री से इंसानियत भरी अपील की
पंकज पंडित झालोद : झालोद की सोशल वर्कर नीलम एम. वसैया ने सरकार से इंसानियत भरी अपील की है कि साउथ गुजरात और दादरा-नगर हवेली इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से मुश्किल में फंसे आदिवासी मज़दूर परिवारों को तुरंत बचाया जाए और सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जाए।
नीलम एम. वसैया ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के साथ-साथ PMO, गृह मंत्रालय, NDMA और NDRF से अपील करते हुए कहा है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और दाहोद, पंचमहल समेत गुजरात के आदिवासी इलाकों से हज़ारों मज़दूर अपने परिवारों का पेट पालने के लिए रोज़गार की तलाश में साउथ गुजरात और दादरा-नगर हवेली गए हैं। चिंता जताई गई है कि भारी बारिश और बाढ़ की वजह से कई मज़दूर परिवार पानी में फंस गए हैं। इन परिवारों में औरतें, छोटे बच्चे, बुज़ुर्ग और प्रेग्नेंट औरतें हो सकती हैं, और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की मांग की गई है। सभी प्रभावित आदिवासी मज़दूर परिवारों को युद्धस्तर पर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और उन्हें खाना, पीने का साफ़ पानी, दवाइयां, हेल्थ सर्विस और सुरक्षित रहने की जगह देने की अपील की गई है।
इसके अलावा, प्रभावित इलाकों में NDRF, SDRF और ज़िला प्रशासन से खास राहत और बचाव ऑपरेशन चलाने, औरतों, बच्चों, प्रेग्नेंट औरतों और बुज़ुर्गों को प्राथमिकता देने और हालात ज़्यादा गंभीर होने पर मज़दूर परिवारों को सुरक्षित और सम्मान के साथ उनके घर पहुंचाने के लिए खास ट्रांसपोर्ट का इंतज़ाम करने की मांग की गई है।
नीलम एम. वसैया ने आगे कहा है कि यह भी पक्का किया जाना चाहिए कि कोई भी मज़दूर परिवार पहचान पत्र, पैसे या दूसरे साधनों की कमी की वजह से सरकारी मदद से वंचित न रहे।
उन्होंने इमोशनल अपील करते हुए कहा, “कोई भी आदिवासी मज़दूर पानी में न फंसे, कोई बच्चा भूखा न सोए और कोई भी परिवार मदद के लिए बेबस होकर इंतज़ार न करे।” उन्होंने कहा कि यह राजनीति का नहीं बल्कि इंसानियत का समय है। संकट की इस घड़ी में सरकार से आदिवासी मज़दूर परिवारों की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देते हुए तुरंत ज़रूरी कदम उठाने की अपील की गई है।

