बिजनौर की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद धरने पर बैठे हुए हैं और कहा है कि अन्याय करने वाले भले ही कितने भी ताकतवर क्यों ना हों, उन्हें जवाब देना ही होगा।
बिजनौर: देश की राजधानी दिल्ली में छात्र सड़कों पर है। नीट परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों ने आंदोलन छेड़ा हुआ है और मांग कर रहे हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मामले में जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। सोमवार को छात्रों और पुलिस के बीच उस वक्त तनाव भी देखने को मिला, जब प्रदर्शनकारी संसद की तरफ बढ़ रहे थे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। वहीं, कई सियासी दल भी छात्रों की इस लड़ाई में कूद गए हैं। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और बिजनौर की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद मंगलवार से ही संसद परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं।
बुधवार को सासंद चंद्रशेखर ने अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो जारी किया, जिसमें बारिश के बीच वह धरने पर बैठे हुए हैं। वीडियो ट्वीट करते हुए चंद्रशेखर ने लिखा, ‘बारिश की हर बूंद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा। महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताकत हैं। जय भीम, जय भारत।’
आपको बता दें कि सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर से ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया था। मार्च में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए। वहीं, सपा से सांसद डिंपल यादव, प्रिया सरोज, राजीव राय, धर्मेंद्र यादव और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने मार्च में शामिल होकर छात्रों को अपना समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिसमें दोनों तरफ से कई लोग घायल हुए।
राहुल और अखिलेश का पीएम आवास पर धरना
इस घटना के बाद चंद्रशेखर संसद परिसर में ही धरने पर बैठ गए। छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ और विपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। वहीं, शाम को कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पीएम आवास के बाहर धरना दिया। बाद में इस धरने में सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हुए। पुलिस ने इस धरने को रोकने के लिए राहुल गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया और कुछ घंटों के बाद रिहा कर दिया।

