पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता और घुसपैठ की चिंता
अहमदाबाद, 3 (प्रतिनिधि) वैश्विक परिस्थितियों में बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व में युद्ध जैसी स्थिति के बीच भारत की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इज़राइल-ईरान तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका सीधा आर्थिक असर पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल के दामों में भारी बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिला है।
फिलहाल पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत लगभग 458 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 520 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इससे वहां की आम जनता का जीवन कठिन हो गया है और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ने से महंगाई बेकाबू हो गई है। आर्थिक अस्थिरता और बेरोजगारी के कारण पाकिस्तान में भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
ऐसे हालात में गरीब और बेरोजगार लोग जीवन यापन के लिए अन्य देशों में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। भारत के साथ पाकिस्तान की लंबी सीमा होने के कारण घुसपैठ की संभावना बढ़ गई है। इतिहास गवाह है कि ऐसे समय में सीमा पार से घुसपैठ, तस्करी और आतंकी गतिविधियों में इजाफा होता रहा है।
इस मुद्दे को लेकर भारत रक्षा मंच के पश्चिम क्षेत्र संगठन प्रमुख एवं गुजरात प्रांत अध्यक्ष डॉ. इलेवान ठाकरे ने भारत सरकार से महत्वपूर्ण अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, “वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और पाकिस्तान की आंतरिक अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए भारत की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल और सख्त बनाना जरूरी है।”
डॉ. ठाकरे ने विशेष रूप से जोर देकर कहा है कि सीमावर्ती इलाकों में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सीमाओं की लगातार निगरानी करने की सलाह दी है। “अवैध प्रवेश, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए,” ऐसा उन्होंने कहा।
उन्होंने सीमावर्ती गांवों में रहने वाले नागरिकों को भी जागरूक करने की आवश्यकता जताई है ताकि कोई भी संदिग्ध हलचल दिखे तो तुरंत सूचना दी जा सके। डॉ. ठाकरे ने यह भी जोड़ा कि देश के आंतरिक क्षेत्रों में भी सुरक्षा एजेंसियों को सघन जांच अभियान चलाना चाहिए और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल, किराए के मकान तथा संवेदनशील इलाकों में चेकिंग बढ़ाना जरूरी है।
“सामाजिक जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। आम नागरिकों को अजनबी लोगों के प्रति सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए,” ऐसा उन्होंने कहा।
भारत रक्षा मंच की ओर से पूरे देशवासियों से भी आह्वान किया गया है कि देश की सुरक्षा के लिए हर नागरिक की जिम्मेदारी अहम है और सरकार व सुरक्षा एजेंसियों को सहयोग देना चाहिए। डॉ. इलेवान ठाकरे ने अंत में भारत सरकार से अनुरोध किया है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि देश की सुरक्षा अक्षुण्ण रह सके।

