नागदा, 18 जुलाई। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) ने नागदा नगर के मध्य से प्रस्तावित नई रेलवे लाइन/रेल फोरलेन के सर्वे की मिल रही जानकारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ट्रस्ट ने कहा कि यदि नगर के बीच से नई रेल लाइन निकाली जाती है तो इससे व्यापार, कृषि, रोजगार, यातायात तथा भविष्य के शहरी विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ट्रस्ट ने इस विषय को जनहित से जुड़ा बताते हुए भारत सरकार के रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, पश्चिम मध्य रेलवे एवं मध्यप्रदेश शासन सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर प्रस्तावित सर्वे पर तत्काल रोक लगाने, व्यापक जनसुनवाई कराने तथा नगर के बाहर से वैकल्पिक मार्ग का परीक्षण कराने की मांग की है।
ट्रस्ट का कहना है कि स्थानीय नागरिकों से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित मार्ग से कृषि उपज मंडी, व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा आम नागरिकों के आवागमन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। यदि यह रेल लाइन मुख्य रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए प्रस्तावित है, तो इसका बाहरी मार्ग से संचालन अधिक उपयुक्त विकल्प हो सकता है। इसलिए किसी भी अंतिम निर्णय से पहले स्थानीय जनता की राय लेना आवश्यक है।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने कहा कि नागदा केवल एक नगर नहीं बल्कि मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं रेलवे जंक्शन है। किसी भी विकास परियोजना का स्वागत है, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं के हित सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट किसी परियोजना का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि यह मांग कर रहा है कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक मार्गों का परीक्षण किया जाए तथा जनसुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।
राष्ट्रीय सचिव शिवम तिवारी, संस्थापक मालती सुनील सिंह यादव, राष्ट्रीय संयोजक प्रेम कुमार वैद्य, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा यादव, राष्ट्रीय विधिक सलाहकार इंदरजीत सिंह चौहान, राष्ट्रीय महासचिव साधना सेठी, प्रदेश अध्यक्ष महेश कुमार वर्मा, प्रदेश सचिव अनीता दुबे, राज्य मीडिया प्रभारी जीवनलाल जैन ‘चाय वाले’, जिला अध्यक्ष प्रमोद जैन , युवराज सिंह राठौर, रामवेश सिंह राजावत एवं मनीष गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि विकास कार्य जनता की सहमति और क्षेत्र के दीर्घकालीन हितों को ध्यान में रखकर ही किए जाने चाहिए। उन्होंने नागदा के सभी जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों, किसान संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिकों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से नागदा के हितों की रक्षा हेतु अपनी आवाज बुलंद करें।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी विकास कार्य का विरोध करना नहीं, बल्कि ऐसा समाधान सुनिश्चित करना है जिससे विकास भी हो और नागदा के व्यापार, रोजगार एवं नागरिकों के हित भी सुरक्षित रहें।

