शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) संसद के मॉनसून सत्र में लोकसभा की सीटों को बढ़ाए जाने के लिए लाए जाने वाले संविधानस संशोधन बिल का समर्थन करेगी। बुधवार को मुंबई में सुप्रिया सुले ने प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के स्टैंड को साफ कर दिया।
हाइलाइट्स
शरद पवार की अगुवाई वाली NCP करेगी एनडीए को सपोर्ट
संविधान संशोधन बिल पर सुप्रिया सुले से साफ किया स्टैंड
शरद पवार के एनडीए की तरफ झुकने से गरमाई राजनीति
Supriya Sule Press conference in Mumbai
सुप्रिया सुले की मुंबई में प्रेस कांफ्रेंस।(फोटो- नवभारतटाइम्स.कॉम)
मुंबई: शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) संसद के मॉनसून सत्र में आने वाले संविधान संशोधन बिल का समर्थन करेगी। बुधवार को मुंबई में शरद पवार की बेटी और एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) चुनाव क्षेत्रों के पुनर्गठन से जुड़े संविधान संशोधन बिल का समर्थन करेगी, अगर इसमें लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत
बढ़ोतरी का प्रस्ताव हो। सुप्रिया सुले ने 50 प्रतिशत की शर्त का उल्लेख करके अब गेंद बीजेपी के पाले में डाल दी है। ऐसा माना जा रहा है सरकार अब 50 फीसदी पर ही आगे बढ़ेगी।
सर्वदलीय बैठक में हुई थी चर्चा
बारामती से सासंद सुप्रिया सुले ने पत्रकारों को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई सर्वदलीय बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी। सुले ने साफ किया कि इस चर्चा में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), कांग्रेस और डीएमके ने भी सकारात्मक रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि अगर सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र में यह बिल पेश किया जाता है, तो पार्टी इसका समर्थन करेगी।
संसद में बढ़ गई NDA की ताकत
गौरतलब हो कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह 13 अगस्त तक चलेगा। सत्र में इस बिल के पेश किए जाने के पूरी संभावना है। महाराष्ट्र से शरद पवार की एनसीपी का समर्थन मिलने से बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए का संख्याबल बढ़ गया है। पिछले सत्र में विपक्ष की एकता के कारण बिल गिर गया था। शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के पास आठ सांसद हैं। इतना ही नहीं शरद पवार राज्यसभा में खुद सदस्य हैं। ऐसे में संविधान संशोधन बिल पर मोदी सरकार की राह आसान हो गई है, क्योंकि टीएमसी के 20 बागी सांसदों और उद्धव ठाकरे के छह सांसदों पहले ही एनडीए के समर्थन को मजबूत कर चुके हैं।

