भरूच जिले के प्राइमरी टीचर और टीचिंग असिस्टेंट ने भी टीचरों की लंबे समय से पेंडिंग समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गांधीनगर में सत्याग्रह कैंप में एक प्रोग्राम किया। जिले से 584 से ज़्यादा टीचर, टीचिंग असिस्टेंट, प्रिंसिपल, HTA प्रिंसिपल, BRC-CRC, डिस्ट्रिक्ट और तालुका टीचर यूनियन के पदाधिकारी और एग्जीक्यूटिव सदस्य मौजूद थे।
टीचरों ने सरकार के सामने 11 मुद्दे रखे। इनमें TET परीक्षा से छूट, नॉन-एकेडमिक काम से पूरी छूट, BRC-CRC के लिए कूलिंग पीरियड हटाना, 2005 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम का फायदा देना, काबिल टीचरों को क्लास-1 और क्लास-2 की परीक्षा देने का मौका देना शामिल हैं। इसके अलावा, मांगों में HCTAT प्रिंसिपलों को स्कूल के दूसरे चार्ज से छूट देना, ऑनलाइन काम के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर की ज़रूरी नियुक्ति, स्कूलों में सफ़ाई कर्मचारी रखना, पहली से पांचवीं क्लास तक हर स्कूल में कंप्यूटर लैब की सुविधा देना, स्टूडेंट्स की संख्या के हिसाब से टीचरों के स्ट्रक्चर में सुधार करना और एक बार ज़िलों में ट्रांसफ़र हो चुके टीचरों को दूसरा मौका देना शामिल है।
रिपोर्ट.. रंगुनी ज़ाकिर भरूच

