महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद नागदा पहुंचे शक्ति महाराज; समाजसेवी निर्मल दलाल के निवास पर उमड़ा जनसैलाब, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पलक-पावड़े बिछाकर किया आत्मीय स्वागत
नागदा जंक्शन, महानगर मेट्रो (रिपोर्ट: जीवनलाल जैन) : धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र नागदा जंक्शन में आज उस समय भक्ति का माहौल बन गया, जब महाकाली शक्तिपीठ अमरावती के परम पूज्य पीठाधीश्वर श्री 1008 शक्ति महाराज का नगर में मंगल आगमन हुआ। इससे पूर्व, महाराज श्री ने उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर भस्मारती के अलौकिक दर्शन किए और लोक-कल्याण की कामना के साथ विशेष पूजन-अर्चन का लाभ लिया।
समाजसेवी निर्मल दलाल के निवास पर हुआ आत्मीय स्वागत:
उज्जैन से प्रस्थान कर नागदा में अपने अल्पप्रवास के दौरान महाराज श्री का शुभागमन जवाहर मार्ग स्थित प्रसिद्ध व्यवसायी एवं समाजसेवी निर्मल दलाल के निवास स्थान पर हुआ। पीठाधीश्वर श्री शक्ति महाराज के नागदा आगमन की सूचना मिलते ही नगर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सेवाभावी संगठनों के पदाधिकारी और श्रद्धालु उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए उमड़ पड़े। नगरवासियों ने महाराज श्री की अगवानी में पलक-पावड़े बिछा दिए और शॉल ओढ़ाकर व माल्यार्पण कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
अग्रणी सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने प्राप्त किया आशीर्वाद:
महाराज श्री का आशीर्वाद लेने वालों में मुख्य रूप से श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन समाज के अध्यक्ष सतीश जैन सांवेरवाला, ट्रस्ट अध्यक्ष रविंद्रकुमार मनोहरकुमार कांठेड़, दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष सुनील जैन और मूर्तिपूजक श्री संघ के अध्यक्ष मनीष सालेचा व्होरा शामिल थे।
इसके साथ ही नगर के प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक जैसे सुरेंद्र कांकरिया, निलेश चौधरी, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. पंकज मारु, दीपक जैन, निलेश जैन, हितेश कांठेड़, अजय गरवाल, सतीश बजाज, आनंदीलाल गगरानी, धर्मेन्द्र बम, श्रेणिक बम, ब्रजेश बोहरा सहित लायंस क्लब के अध्यक्ष श्याम शर्मा और लायंस क्लब गोल्ड के अध्यक्ष लखनसिंह गुर्जर ने भी महाराज श्री को माला पहनाकर उनका सत्कार किया और मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
‘गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास जारी’ – शक्ति महाराज:
नागदा प्रवास के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं और पत्रकारों से चर्चा करते हुए पीठाधीश्वर श्री 1008 शक्ति महाराज ने गोवंश संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा गोमाता को विशेष/राज्य माता का दर्जा दिया जाना एक ऐतिहासिक और स्वागत योग्य कदम है। सनातन संस्कृति में गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि आस्था और चेतना का केंद्र है। महाराज श्री ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि अब गोमाता को राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रमाता का गौरवपूर्ण दर्जा दिलाने के लिए देशव्यापी प्रयास और आंदोलन लगातार जारी रहेंगे।
इस अवसर पर महाराज श्री ने नागदा के नागरिकों की सेवाभावना और धार्मिक सौहार्द की सराहना करते हुए सभी को सुख, समृद्धि और सनातन पथ पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

