सूरत में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ के हालात के बीच अब लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस गुस्से की आग में सत्ताधारी पार्टी के नेता बुरी तरह घिर गए हैं। सूरत के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे BJP विधायक मनु पटेल को स्थानीय महिलाओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने विधायक को घेर लिया और ऐसे तीखे सवाल पूछे कि नेताजी भी शर्मिंदा हो गए।
‘चुनाव के समय तो हाथ जोड़कर कहते थे- ‘भाइयों, वोट दो’, अब कहां चले गए?’
बाढ़ के पानी में डूबे और मुश्किलों का सामना कर रहे स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था। जैसे ही विधायक मनु पटेल दौरा करने पहुंचे, महिलाओं ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
एक गुस्साई महिला ने विधायक से कहा, “जब चुनाव होते थे, तब आप हाथ जोड़कर आते थे और कहते थे, ‘बहन, मुझे वोट दो!’ अब जब हम मुसीबत में हैं, हमारे घर बाढ़ में डूबे हैं, खाने को कुछ नहीं है, तो आप कहां गायब हो गए? अब आकर हाथ क्यों नहीं जोड़ते?”
महिलाओं के इस विरोध के सामने विधायक बचाव की मुद्रा में दिखे। माहौल इतना गरमा गया था कि नेताजी के लिए वहां खड़ा होना भी मुश्किल हो गया।
विधायक मनु पटेल का बचाव: ‘हमारा काम सेवा करना है, हम वही कर रहे हैं’
जनता के इन तीखे सवालों और घेराव के बीच विधायक मनु पटेल ने अपना बचाव करने की कोशिश की। उन्होंने पत्रकारों और गुस्साई जनता से कहा, “हमारा काम सेवा करना है और हम लगातार वही काम कर रहे हैं। बाढ़ के समय भी हम लोगों की मदद कर रहे हैं।”
हालांकि, जनता विधायक के इस बयान से संतुष्ट नहीं थी। लोगों का कहना है कि नेता सिर्फ फोटो खिंचवाने और चुनाव के समय ही दिखाई देते हैं, वरना जब जनता मुसीबत में होती है, तो सिस्टम और नेता दोनों गायब हो जाते हैं।
महानगर मेट्रो न्यूज़ ओपिनियन:
जब चुनाव के समय वोट के लिए हाथ जोड़कर घूमने वाले नेता बाढ़ जैसी आपदा के समय जनता को मुश्किल में छोड़ देते हैं, तो जनता का ऐसा गुस्सा पूरी तरह जायज है। सूरत की इन महिलाओं ने नेताजी को जो आईना दिखाया है, वह एक चेतावनी (रेड लाइट) की तरह है। अब यह देखना बाकी है कि क्या इस आक्रोश के बाद सिस्टम और नेता अपनी आँखें खोलते हैं या फिर हमेशा की तरह जनता को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा!

