महाराष्ट्र विधानसभा में भारी बारिश और उससे हुए नुकसान को लेकर स्पीकर राहुल नार्वेकर और शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दोनों नेताओं के बीच बहस इतनी बढ़ी कि सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान री बारिश और उससे हुए नुकसान को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे के बीच तीखी बहस छिड़ गई। यह बहस हाल ही में हुई भारी बारिश और उससे हुए नुकसान को दैवीय आपदा (act of God) कहा जा सकता है या नहीं, इस मुद्दे पर हुई। विपक्ष ने राज्य में बारिश से हुए नुकसान पर तत्काल चर्चा की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से गुरुवार को इस विषय पर अल्पकालिक चर्चा कराने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और सदन का माहौल काफी गर्म हो गया।
विपक्ष ने उठाई यह मांग
दरअसल, विपक्ष का कहना था कि महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में यह मुद्दा सदन की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने चर्चा में देरी पर आपत्ति जताई और सरकार से तत्काल जवाब देने की मांग की। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि गुरुवार को मानसून और उससे जुड़े हालात पर अल्पकालिक चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में मौसम की चरम घटनाओं के पीछे जलवायु परिवर्तन एक बड़ा कारण है और ऐसी प्राकृतिक घटनाओं को पूरी तरह नियंत्रित करना संभव नहीं है।
स्पीकर के बयान पर भड़के आदित्य ठाकरे
स्पीकर के इस बयान पर आदित्य ठाकरे ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मैंग्रोव और जंगलों की लगातार कटाई को भी नजरअंदाज किया जाएगा। ठाकरे ने कहा कि यदि पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दिया जाता तो बारिश का असर इतना गंभीर नहीं होता। उन्होंने पूछा कि क्या इसे भी दैवीय आपदा कहा जाएगा? राहुल नार्वेकर ने जवाब देते हुए कहा कि क्या आदित्य ठाकरे किसी दैवीय आपदा को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके बाद बहस और तेज हो गई।
राम मंदिर दान चोरी का मुद्दा भी उठाया
आदित्य ठाकरे ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया, जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई और सदन का माहौल शोरगुल से भर गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश हो रही है। मुंबई समेत राज्य के अनेक जिलों में जलभराव, पेड़ गिरने, सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने तथा कई स्थानों पर जनहानि की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में बारिश से निपटने की सरकारी तैयारियों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

