भावनगर पुलिस ने उन ठग गिरोहों पर नज़र रखी है जो शेयर बाज़ार में निवेश के नाम पर ज़्यादा रिटर्न का लालच देकर मासूम नागरिकों की मेहनत की कमाई हड़प रहे हैं। भावनगर लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने उस गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ़्तार किया है, जिसने निवेशकों को हर महीने 20% रिटर्न वाली आकर्षक स्कीम दिखाकर 1,03,14,500 रुपये (एक करोड़ तीन लाख रुपये से ज़्यादा) की धोखाधड़ी की थी। उसे कुछ ही घंटों में सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
पूरा घोटाला क्या है और मामला कैसे दर्ज हुआ?
भावनगर रेंज के IG श्री राजेंद्र वी. असारी और पुलिस अधीक्षक श्री नितेश पांडे के कड़े निर्देशों और मार्गदर्शन में, LCB के PI श्री मयूरध्वजसिंह एम. सरवैया और PSI श्री आर.ए. वढेर, श्री वी.सी. जडेजा, श्री पी.डी. झाला और अन्य कर्मचारियों ने यह ऑपरेशन चलाया।
भावनगर के वर्तज पुलिस स्टेशन इलाके के एक गांव में रहने वाले दो लोगों ने लोगों से निवेश पर हर महीने 20% निश्चित रिटर्न का वादा करके करोड़ों रुपये जमा किए थे। जिन निवेशकों को वादे के मुताबिक रिटर्न या मूलधन नहीं मिला, उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। इसके आधार पर वर्तज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता-2023 (BNS) की धाराओं 316(5), 316(2), 3(5), 61(2) और गुजरात डिपॉजिटर्स प्रोटेक्शन ऑफ़ इंटरेस्ट्स (इन फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस) एक्ट-2003 की धारा-3 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले की आगे की जांच LCB के PSI श्री आर.ए. वढेर को सौंपी गई। अपराध में शामिल मुख्य
आरोपी:
- संजयभाई मुलजीभाई धमेचा (निवासी: शिकायतकर्ता का क्षेत्र, तालुका और जिला भावनगर) – (आरोपी)
- योगेश वेलजीभाई धमेचा (निवासी: शिकायतकर्ता का क्षेत्र, तालुका और जिला भावनगर) – (तलाश जारी)
LCB की तीन टीमों द्वारा सघन तलाशी अभियान: मुख्य आरोपी के घर से चौंकाने वाली चीजें बरामद
अपराध दर्ज होते ही LCB की टीम हरकत में आई और उसने मुख्य आरोपी संजयभाई मुलजीभाई धमेचा (उम्र 44 वर्ष, पेशा-ड्राइविंग) को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के घर पर तलाशी और जब्ती अभियान के दौरान, करोड़ों रुपये मूल्य की हिसाब-किताब की किताबें और तकनीकी गैजेट्स मिले।
बरामद की गई चीजें (कुल मूल्य ₹60,000/-):
HP कंपनी का लैपटॉप (1 पीस) – मूल्य ₹30,000/-
Realme कंपनी का मोबाइल फोन (1 पीस) – मूल्य ₹10,000/-
Vivo कंपनी का V70 मोबाइल फोन (1 पीस) – मूल्य ₹10,000/-
OnePlus कंपनी का मोबाइल फोन (1 पीस) – मूल्य ₹10,000/-
₹300 का नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर जिस पर अलग-अलग रकम लिखी हुई थी (2 पीस)
हिसाब-किताब की किताबें: ‘Vision’ लिखी हुई कुल 4 किताबें, जिनमें निवेशकों के नाम, शॉर्ट नाम, निवेश टर्नओवर खाते और चिनाई (मेसनरी) के काम के खाते दर्ज हैं और जिन पर आरोपी के हस्ताक्षर हैं।
अन्य दस्तावेज: जांच के लिए आरोपी के घर से पहचान पत्र और PGVCL का बिजली बिल भी जब्त किया गया है।
फिलहाल, LCB की दो अन्य टीमें दूसरे आरोपी योगेश धमेचा को गिरफ्तार करने और घोटाले से जुड़ी अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए अलग-अलग दिशाओं में काम कर रही हैं।

