कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को विदेश से भी समर्थन मिल रहा है। राजस्थान, केरल और ऑस्ट्रेलिया तक से लोग जंतर-मंतर पर पहुंच रहे हैं। इस बीच हमने सीजेपी के प्रदर्शन में पहुंचे कुछ लोगों से बात की। आइए आपको बताते हैं कि अलग-अलग जगहों से आए लोगों ने क्या बताया।
नई दिल्ली: पहले गर्मी और अब जबरदस्त बारिश के बीच भी जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। इस बीच देश के अलग-अलग राज्यों से लोग दिल्ली के प्रदर्शन स्थल (Jantar Mantar) पर पहुंच रहे हैं। लोगों में पेपर लीक को लेकर इतना रोष है कि कुछ लोग तो विदेश से भी यहां आ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया से आए एक शख्स ने बताया है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन देखा और खुद को जंतर-मंतर पर आने से नहीं रोक पाए। आइए आपको बताते हैं कि CJP के प्रोटेस्ट में लोग कहां-कहां से आए हैं।
नर्सरी से PHD तक पढ़ाई फ्री
ऑस्ट्रेलिया से आए विकास राणा ने बताया कि वो पिछले 10 साल से विदेश में हैं। वो सोशल मीडिया से दूर रहते हैं। अगर वहां जाते भी हैं तो उनके फीड में भारत की न्यूज कम ही आती हैं। लेकिन जब उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रोटेस्ट की न्यूज देखी तो उनसे रहा नहीं गया। नीट पेपर लीक पर गुस्सा जाहिर करते हुए विकास ने कहा कि छात्र सुसाइड कर रहे हैं, ये देखकर उन्हें बहुत निराशा हुई। ऑस्ट्रेलिया के एजुकेशन सिस्टम पर बात करते हुए विकास ने कहा कि वहां लोगों के बीच अमीर और गरीब का फासला नहीं है। वहां, अगर आपके माता-पिता फीस नहीं भर सकते तो नर्सरी से लेकर PHD तक पढ़ाई फ्री है।
फंडिंग की बात को नकार दिया
राजस्थान के भरतपुर से जंतर-मंतर पहुंचे बीएस आर्या ने बताया कि वो इस मूवमेंट को सपोर्ट करने आए हैं। उन्होंने कहा कि वो दो हफ्ते से यहां पर हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा के खिलाफ जो इतना भ्रष्ट सिस्टम चल रहा है, उसके खिलाफ सड़कों पर उतरना जरूरी है। आर्या ने कहा कि वो कॉकरोच जनता पार्टी से नहीं जुड़े हैं, वो सिर्फ नीट पेपर लीक के खिलाफ इस आंदोलन को सपोर्ट करने यहां आए हैं। उन्होंने आगे कहा कि अनशन चल रहा है, कई बच्चे अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार ऐसे मौके भी आए, जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को परेशान करने की कोशिश करती है। खाने-पीने के लिए जो लोग यहां सामान लेकर आते हैं, उन्हें भी परेशान किया जाता है। जो लोग फंडिंग की बात कर रहे हैं, वो सब झूठ है। अच्छे लोग आगे आकर यहां खुद सपोर्ट कर रहे हैं। कोई खाने की व्यवस्था कर रहा है तो कोई पीने के पानी की।
जिनके बच्चे सेटल, वो भी पहुंचे
केरल के कोल्लम से दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे राजन ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। पेपर लीक कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। शिक्षा मंत्री से गलती हुई है तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए। सरकार के कान में प्रदर्शनकारियों की आवाज पहुंच चुकी है। राजन ने सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ बच्चों को परीक्षा से पहले ही पेपर मिल जाता और दूसरी तरफ तरफ पेपर लीक के बाद कुछ बच्चे खुदकुशी कर लेते हैं। हर बच्चा देश का है। अपने परिवार के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि मेरे बच्चे तो बड़े हो चुके हैं, अपनी लाइफ में सेटल हैं। लेकिन वो देशभर में परेशान हो रहे बच्चों के लिए आए हैं। राजन ने मांग की कि सरकार को पूरे देश में पढ़ाई-लिखाई फ्री कर देना चाहिए।
अन्ना हजारे से जुड़ने की अपील
दिल्ली के ही रहने वाले राजा ने कहा कि वो पिछले 5 दिनों से धरना स्थल पर आ-जा रहे हैं। वे अपने परिवार में अकेले कमाने वाले हैं, लेकिन यहां धरना-प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। राजा ने बताया कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल ने उन्हें प्रेरित किया है। जब वो (Sonam Wangchuk) किसी स्वार्थ के यहां आकर बच्चों के लिए भूख-हड़ताल कर सकते हैं तो फिर बाकी लोग प्रदर्शन में शामिल क्यों नहीं हो सकते। राजा ने कहा कि अन्ना हजारे (Anna Hazare) और बाबा रामदेव (Baba Ramdev) को भी इस मंच पर आकर पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज उठानी चाहिए। वो अब नहीं आएंगे तो कब आएंगे।

