गांधी के गुजरात में शराबबंदी के कड़े कानूनों के बड़े-बड़े दावों के बीच, एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसमें सत्ताधारी पार्टी के नेता विवादों के घेरे में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि अहमदाबाद शहर के सरदारनगर वार्ड के एक BJP पार्षद कथित शराब पार्टी का मज़ा ले रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई और विपक्ष तथा जनता ने सत्ताधारी पार्टी की कड़ी आलोचना शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: नेताजी की करतूतों से हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार, गंभीर आरोप हैं कि इस कथित वीडियो में शराब पार्टी हो रही है और इसमें सरदारनगर वार्ड के एक BJP पार्षद मौजूद हैं। जैसे ही यह खबर फैली कि नेताजी जनता की सेवा करने के बजाय कथित तौर पर शराब पार्टी का आनंद ले रहे हैं, पूरे शहर में हलचल मच गई। जनता सवाल कर रही है कि अगर कानून बनाने वाले और सत्ता में बैठे लोग ही कथित तौर पर कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, तो आम लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है?
सरदारनगर पुलिस एक्शन मोड में: निष्पक्ष जांच के आदेश
जैसे ही यह मामला पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, सरदारनगर पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। इस वायरल वीडियो की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसकी गहन और निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है। यह वीडियो कब का है? वीडियो में असल में किसके चेहरे दिख रहे हैं? और क्या वाकई शराब पार्टी हुई थी? FSL और तकनीकी टीम की मदद से इन सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी गई है।
‘महानगर मेट्रो न्यूज़’ का शासकों और प्रशासन से सीधा सवाल:
क्या गुजरात में शराबबंदी सिर्फ कागजों पर है?: जब भी शराब के मामले में किसी नेता या कानून लागू करने वाले का नाम सामने आता है, तो जनता का कानून से भरोसा उठ जाता है। BJP संगठन इस मामले में अपने पार्षद के खिलाफ कब कार्रवाई करेगा?
क्या सरदारनगर पुलिस पर दबाव बनेगा?: क्या पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करेगी? क्या वीडियो में दिख रहे प्रभावशाली लोगों को कानूनी धाराओं के तहत लॉक-अप में लाया जाएगा? भ्रष्ट सिस्टम पर प्रहार: जब आम जनता छोटी-मोटी बातों में फंसती है तो पुलिस मोहरा बन जाती है, फिर नेताओं के खिलाफ जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति क्यों होती है?
कानून की कसौटी: नेता हो या आम आदमी, नियम सबके लिए एक जैसे होने चाहिए।
इस वायरल वीडियो ने BJP शासित कॉर्पोरेशन और सरकार की छवि पर बड़ा दाग लगाया है। ‘पक्को गुजरात न्यूज़’ मांग करता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो। अगर वीडियो सच साबित होता है, तो उन्हें तुरंत कॉर्पोरेटर के पद से इस्तीफा देना चाहिए और उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए, ताकि समाज में यह कड़ा संदेश जाए कि कानून सबके लिए बराबर है।

