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क्वांट के मोटिजदुली गांव में प्रशासन की बड़ी लापरवाही : कुप्पा जलापूर्ति योजना में लापरवाही से दो मासूम बच्चों की मौत, कलेक्टर एक्शन में

छोटाउदेपुर जिले के क्वांट तालुका के मोटिजदुली गांव से एक बेहद दुखद, दिल दहला देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। कुप्पा जलापूर्ति योजना के जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों की भारी लापरवाही के कारण दो मासूम बच्चों की जान चली गई। पानी की पाइपलाइन में लंबे समय से हो रहे रिसाव (लीकेज) के कारण हुई इस त्रासदी में दो मासूम बच्चों की मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
पाइपलाइन का रिसाव बना जानलेवा: खेलते समय डूबे मासूम बच्चे

मिली जानकारी के अनुसार, गांव से गुजरने वाली कुप्पा जलापूर्ति योजना की मुख्य पाइपलाइन में भारी रिसाव हो रहा था। इस रिसाव के कारण आसपास का इलाका जलमग्न हो गया और गड्ढे जैसी खतरनाक स्थिति बन गई। गांव के दो मासूम बच्चे खेलते-खेलते रिसाव वाली जगह पर पहुंच गए और पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दोनों की दुखद मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरा गांव सदमे में आ गया।

छोटाउदेपुर कलेक्टर एक्शन मोड में: जांच के आदेश

इस गंभीर और संवेदनशील घटना की सूचना मिलते ही छोटाउदेपुर के जिला कलेक्टर तुरंत हरकत में आ गए। कलेक्टर ने इस पूरे मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और घटना की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। जलापूर्ति विभाग के जिस भी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही और कोताही के कारण यह घटना हुई है, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिस्टम की यह सक्रियता उन दो मासूमों की जान वापस ला पाएगी?

‘महानगर मेट्रो न्यूज़’ की ओर से प्रशासन से सीधा और तीखा सवाल:

अगर पानी की पाइपलाइन में इतना बड़ा रिसाव हो रहा था, तो जलापूर्ति विभाग के अधिकारी चैन की नींद क्यों सो रहे थे?
ग्रामीण इलाकों में ऐसी खतरनाक पाइपलाइनों का समय-समय पर रखरखाव क्यों नहीं किया जा रहा है?
क्या दो मासूम बच्चों की मौत के असली जिम्मेदार लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ केवल विभागीय जांच होगी या उन्हें जेल भेजा जाएगा?
भ्रष्ट और लापरवाह प्रशासन के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई

इस घटना को लेकर मोटिजदुली गांव के निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों की मांग है कि इस घटना के लिए ज़िम्मेदार हर सीनियर और जूनियर अधिकारी के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जाए। आदिवासी इलाकों में ऐसी लापरवाही बार-बार हो रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘पक्को गुजरात न्यूज़’ इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और न्याय मिलने तक प्रशासन से सवाल पूछता रहेगा।

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