छोटा उदेपुर : गुजरात की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। छोटा उदेपुर के पूर्व MLA और पूर्व वन मंत्री मोहन सिंह राठवा का आज निधन हो गया। पिछले 55 सालों से लगातार राजनीति में सक्रिय और लोगों की सेवा करने वाले इस दिग्गज नेता के निधन की खबर फैलते ही छोटा उदेपुर और गुजरात का पूरा राजनीतिक जगत गहरे शोक में डूब गया है। लाखों लोगों के दिलों में इज्जतदार जगह रखने वाले मोहन सिंह राठवा के जाने से आदिवासी समुदाय और जिले ने एक सच्चा और रास्ता दिखाने वाला नेता खो दिया है।
55 साल का बिना रुके राजनीतिक सफर और सबसे अच्छे MLA का सम्मान
मोहन सिंह छोटूभाई राठवा सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि छोटा उदेपुर के लोगों के लिए एक पिता तुल्य बुजुर्ग और आस्था का केंद्र थे। उन्होंने अपने जीवन के 55 साल से ज्यादा समय तक MLA के तौर पर जनता की सेवा की। एक एक्टिव और टैलेंटेड लीडर के तौर पर, उन्होंने गुजरात लेजिस्लेटिव असेंबली में हमेशा लोगों, खासकर आदिवासी इलाकों के मुद्दों पर मज़बूती से बात की। इस बेहतरीन पार्लियामेंट्री परफॉर्मेंस की वजह से उन्हें ‘बेस्ट MLA’ का फेम भी मिला। राज्य के फॉरेस्ट मिनिस्टर के तौर पर भी उन्होंने शानदार सर्विस देकर अपनी एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल्स का परिचय दिया।
हमेशा लोगों के बीच रहकर और अटूट पॉपुलर वोट हासिल करना
मोहन सिंह राठवा की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे चाहे कितने भी ऊंचे पद पर रहे हों, उन्होंने कभी खुद को आम लोगों से दूर नहीं किया। वे हमेशा आम लोगों के बीच रहते थे, लोगों के सुख-दुख में शामिल होते थे और लोगों का छोटा से छोटा काम करने के लिए भी तैयार रहते थे। सत्ता के घमंड से ऊपर रहकर उन्होंने जो अटूट प्यार कमाया, वह आज भी कायम है। उनका सादा व्यक्तित्व और सेवा का भाव ही उनकी असली पूंजी थी, जिसकी वजह से उन्होंने लाखों लोगों के दिलों पर राज किया। जिले में गहरा दुख, नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि
मोहन सिंह राठवा की मौत की खबर मिलते ही छोटा उदयपुर जिले के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक गहरा सन्नाटा पसर गया और लोगों में गहरा दुख फैल गया। बड़े-बड़े नेता, प्रशासनिक सिस्टम के बड़े अधिकारी, समाजसेवी और आम नागरिक, सभी नम आंखों से मोहन सिंह राठवा के घर पहुंचे और सोशल मीडिया के जरिए भारी मन से श्रद्धांजलि दी।
कुदरत उनकी पवित्र आत्मा को शांति दे और उनके परिवार और अनगिनत फैंस को यह असहनीय दुख सहने की ताकत दे।

