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IAS तुकाराम मुंढे के एक्शन से महाराष्ट्र में ‘तहलका’, मिलावटखाेर गिन रहे दिन, एनर्जी ड्रिंक्स कंपनियां राइट टाइम

महाराष्ट्र के चर्चित आईएएस तुकराम मुंढे एक बार फिर से अपने ‘सिंघम’ अवतार में हैं। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे वर्तमान में राज्य के अन्न और औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त हैं। उनके तेवरों से मिलावटखोरों में जहां हड़कंप है तो वहीं एनर्जी ड्रिंक्स के नाम पर गुमराह करने वाली कंपनियों ने भी सरेंडर कर दिया है।

हाइलाइट्स

महाराष्ट्र में आईएएस तुकराम मुंढे का मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन
मुंबई की ड्रग लॉबी से लेकर बड़ी कंपनियों में कार्रवाई से मचा हड़कंप
विपक्ष का आरोप ट्रांसफर के लिए दी गई है 250 करोड़ की सुपारी

फिर से एक्शन माेड में आईएएस तुकाराम मुंढे।(फोटो- नवभारतटाइम्स.कॉम)

मुंबई: हरियाणा के चर्चित आईएएस रहे अशोक खेमका की तरह ही महाराष्ट्र में अपने तबादलाें के लिए सुर्खियों में रहने वाले तेजतर्रार आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे इन दिनों चर्चा में हैं। उन्हें महाराष्ट्र सरकार ने 19 मई को महाराष्ट्र के अन्न और औषधि प्रशासन (FDA) का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया था। उन्होंने मई 2026 के आखिरी हफ्ते में इस पद का कार्यभार संभाला था। उनका 21 साल की नौकरी में यह 25वां ट्रांसफर था। तुकाराम मुढ़े की कार्यशैली से जहां मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मिलावटखोरों में हड़कंप हैं तो वहीं दूसरी तरफ मुंढे के सामने पेप्सिको, रेड बुल, स्टिंग जैसी कंपनियों ने सरेंडर कर दिया है। मुढ़े ने कुछ दिन पहले इन कंपनियों को पेय पदार्थ पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ नहीं लिखने पर चेतावनी दी थी। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की नोटिस पर कंपनियों ने कहा है कि वे अब ऐसा नहीं करेंगी।

मिलावटखोरों का छूट रहा पसीना

तुकाराम मुंढे ने एफडीए कमिश्नर की जिम्मेदारी संभालते ही पद संभालते ही उन्होंने महाराष्ट्र में मिलावटखोरी, नकली दूध, नकली पनीर और अवैध गुटखा माफियाओं के खिलाफ राज्यव्यापी छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई शुरू की थी। इससे मिलावटखोरों का पसीना तब छूट गया था जब उन्होंने प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के निर्माण, परिवहन और बिक्री के शामिल आरोपियों के खिलाफ मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई का आदेश दिया था। उनके इस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में चुनौती दीगई है। मुंढे ने यह आदेश 12 जून को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिकनियम के तहत जारी किया था।

तुकराम मुंढे के बड़े फैसले

मुंबईकरों को सुरक्षित भोजन के लिए पूरे राज्य में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बेकरी, क्लाउड किचन और ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस जरूरी कर दिया है।

तुकाराम मुंढे ने खून की सुरक्षा से जुड़े मानकों में लापरवाही पर जेजे ब्लड बैंक समेत दे सेंटर को बंद कर दिया था।

तुकाराम मुंढे ने साफ किया है कि पेप्सिको, रेड बुल, स्टिंग और ऐसी ही दूसरी सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां ‘शेड्यूल 4’ के आधार पर अपने प्रोडक्ट्स पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ लिखती हैं। नियमों के अनुसार उन्हें ‘एनर्जी ड्रिंक’ लिखने की इजाजत नहीं है और कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं। अब से वे ऐसा नहीं लिखेंगी।

‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द पर आपत्ति तुकाराम मुंढे ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (FSSAI) के नियमों के तहत, इन ड्रिंक्स को ‘एनर्जी ड्रिंक’ के तौर पर बेचने की कोई कानूनी इजाजत नहीं है। ये असल में कैफीन वाले ड्रिंक्स हैं।

अहमदनगर जिले में एक स्कूली छात्र की मौत के बाद, विधानसभा में इस मुद्दे पर जोरदार बहस हुई। इसके बाद राज्य सरकार ने सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में ‘स्टिंग’ जैसे ड्रिंक्स की बिक्री पर रोक लगाने का ऐलान किया।

FDA ने गलत ब्रांडिंग (गुमराह करने वाली जानकारी देने) के लिए 10-12 बड़ी कंपनियों को नोटिस जारी किए थे। इनमें स्टिंग, रेड बुल, मॉन्स्टर और कैम्पा शामिल हैं।

ट्रांसफर के लिए 250 करोड़ की सुपारी

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे की एक्शन पर विपक्ष खुश है। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक और पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने कहा है कि मुंढे के ट्रांसफर के लिए 250 करोड़ की सुपारी दी गई है। आव्हाड कहना है कि मिलावटखोरों और ड्रग माफिया लॉबी मुंढे से खुश नहीं है। वह मुंढे का ट्रांसफर कराने की फिराक में है। उनका कहना है कि मुंढे ने जिस तरह से छापेमार कर करोड़ों का स्टॉक बरामद किया है। उसके बाद मिलावटखोरों, गुटखा, दवा और सौंदर्य प्रसाधन कारोबारियों में हड़कप है। मुंढे की टीम ने शिरडी में साईं मंदिर इलाके में छापा मारकर 500 किलोग्राम पेड़ा पकड़ा था। इस विभाग के मंत्री नरहरि जिरवाल ने आव्हाड के बयान को गलत बताया है।

कौन हैं तुकराम मुंढे

महाराष्ट्र में सिंघम आईएएस की छवि रखने वाले तुकाराम मुंढे की सबसे बड़ी मजबूत यह है कि कट्टर ईमानदार हैं। यही वजह है कि उनका जल्दी तबादला हो जाता है। तुकाराम ने पिछले साल फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के मामले में कड़ी कार्रवाई की थी। 2005 बैच आईएएस तुकाराम की तुलना अशोक खेमका से होती है। महाराष्ट्र के बीड जिले से आने वाले तुकाराम मुंढे का जन्म 3 जून, 1975 को हुआ था। वह बीड जिले के तडसोना गांव के रहने वाले हैं। सिविल सेवा में वह 2005 में आए। उन्होंने हिस्ट्री से बीए और फिर पॉलिटिकल साइंस में एमए किया है। तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र के वंजारी समुदाय से आते हैं। यह समुदाय ओबीसी वर्ग का हिस्सा है।

बेस्ट कलेक्टर भी रह चुके हैं तुकाराम मुंढे

कभी बेस्ट कलेक्टर का अवॉर्ड हासिल करने वाले तुकाराम मुंढे पिछले कुल सालों से अपने ट्रांसफर के लिए चर्चा में हैं। तुकाराम मुंढे को ‘मैन ऑफ ए मिशन’ कहा जाता है। वह रेत माफिया पर नकेल कसने के चर्चा में आ चुके हैं। तुकाराम की शादी अर्चना मुंढे के साथ हुई है। उनके एक बेटा और एक बेटी है। तुकाराम मुंढे ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला परिषद के स्कूल से की थी। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई औरंगाबाद से की है। तुकाराम मुंढे ने अपनी ईमानदार छवि से अलग पहचान ब्यूरोक्रेसी में बनाई है।

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