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मॉनसून की पहली भारी बारिश में राजधानी बेहाल, दिल्ली-द्वारका एक्सप्रेस-वे बंद, तुगलकाबाद समेत कई जगहों पर जलभराव

राजधानी दिल्ली में रविवार को मॉनसून की पहली बारिश हुई. ओखला औद्योगिक क्षेत्र समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली. हालांकि, कई स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी देखने को मिली. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगी.

राजधानी दिल्ली में रविवार को मानसून की पहली जोरदार बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत तो दिलाई, लेकिन इसके साथ ही शहर की जल निकासी व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की भी पोल खोलकर रख दी. महज आधे घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. सबसे ज्यादा परेशानी द्वारका एक्सप्रेसवे के अंडरपास पर देखने को मिली, जहां भारी मात्रा में पानी भर जाने के कारण प्रशासन को एहतियातन अंडरपास को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद करना पड़ा. इसके चलते हजारों वाहन चालकों को लंबा जाम झेलना पड़ा और उन्हें वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा.

बारिश का असर केवल द्वारका एक्सप्रेसवे तक ही सीमित नहीं रहा. तुगलकाबाद, पुल प्रह्लादपुर, मिंटो ब्रिज, ओखला औद्योगिक क्षेत्र, बायो डायवर्सिटी पार्क और अन्य कई निचले इलाकों की सड़कें पानी में डूब गईं. कई जगहों पर जलभराव इतना अधिक था कि दोपहिया वाहन बंद हो गए और कारों की रफ्तार भी बेहद धीमी पड़ गई. रविवार होने के बावजूद कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगा.

बारिश से सड़कें लबालब

ओखला औद्योगिक क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों में तेज बारिश के बीच सड़कें पानी से लबालब नजर आईं. जलभराव के कारण फैक्ट्रियों में आने-जाने वाले कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कई स्थानों पर पैदल चलना भी चुनौती बन गया. बारिश के कारण सार्वजनिक परिवहन की रफ्तार भी प्रभावित हुई और कुछ मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि द्वारका एक्सप्रेसवे अंडरपास में हर मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है. हर साल भारी बारिश के बाद अंडरपास में कई फीट तक पानी भर जाता है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है. लोगों का आरोप है कि प्रशासन हर वर्ष जल निकासी के दावे करता है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल सका. नतीजा यह है कि पहली ही तेज बारिश में राजधानी की यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है.

प्रशासन ने लोगों से की ये अपील

बारिश के बाद नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं. जलभराव वाले इलाकों में पंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया गया. कई स्थानों पर पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया ताकि यातायात को सुचारु बनाया जा सके और किसी प्रकार की दुर्घटना न हो. प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले मार्गों से बचने और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पहले ही दिल्ली-एनसीआर में मानसून के सक्रिय होने और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई थी. विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और दृश्यता कम होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. ऐसे में नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.

बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत

इस बारिश ने राजधानीवासियों को कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत जरूर दिलाई. बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और मौसम खुशनुमा हो गया. पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने ठंडी हवाओं और बारिश का आनंद भी लिया. लेकिन दूसरी ओर जलभराव, ट्रैफिक जाम और बदहाल सड़क व्यवस्था ने यह भी साफ कर दिया कि मानसून की पहली ही बारिश में राजधानी की बुनियादी व्यवस्थाएं गंभीर परीक्षा में खड़ी नजर आईं.

अब देखना होगा कि संबंधित एजेंसियां आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश से पहले जल निकासी और यातायात व्यवस्था को कितना दुरुस्त कर पाती हैं.

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