अयोध्या/दिल्ली : अयोध्या के भव्य और पवित्र राम मंदिर में चोरी के मुद्दे ने अब देश की राजनीति और हिंदुत्व संगठनों में बड़ा भूचाल ला दिया है। BJP के फायरब्रांड नेता और बजरंग दल के फाउंडर प्रेसिडेंट विनय कटियार ने अब तक चल रही अफवाहों और चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। विनय कटियार ने बिंदास अंदाज में बड़ा खुलासा करते हुए माना है कि यह बिल्कुल साफ और सच है कि राम मंदिर में बड़ी चोरी हुई है! इस बयान के बाद देश भर के राम भक्तों में गुस्से और चिंता की लहर दौड़ गई है।
PM मोदी तक पहुंचा मामला: दिल्ली दरबार में हलचल!
यह कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र रामलला के दरबार में भारी सुरक्षा चूक और कथित भ्रष्टाचार का मामला है। विनय कटियार ने बताया है कि इस पूरी घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने खुद सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया है। राम मंदिर आंदोलन के एक बड़े नेता द्वारा देश के प्रधानमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाए जाने से अब दिल्ली से लेकर लखनऊ तक सरकारी और प्रशासनिक गलियारों में भारी हंगामा मच गया है।
भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़? कहां गई पक्की सुरक्षा?
ऐसी जगह पर इतनी बड़ी चोरी कैसे हो सकती है जहां राम मंदिर की सुरक्षा के लिए हाई-टेक कमांडो, मॉडर्न कैमरे और सैकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात हों? यही सवाल इस समय हर राम भक्त पूछ रहा है। विनय कटियार के इस खुले कबूलनामे के बाद अब मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्या इसमें अंदर के लोगों की मिलीभगत है या सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी लापरवाही है?
सबसे बड़ा सवाल: क्या करोड़ों भक्तों द्वारा अपनी रोजी-रोटी से दिया गया दान भगवान के चरणों में भी सुरक्षित नहीं है? इस काले धंधे के पीछे असली चेहरे कौन हैं? अयोध्या राम मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी के पीछे कौन से स्कैमर छिपे हैं? प्रशासन उन्हें गिरफ्तार करने में पीछे क्यों है?
जब BJP और बजरंग दल के बड़े नेता इतना बड़ा दावा कर रहे हैं, तो मंदिर ट्रस्ट अब तक ऑफिशियली चुप क्यों है?
PM मोदी से विनय कटियार की बातचीत के बाद, इस मामले की जांच हाई-लेवल सेंट्रल जांच एजेंसियों (CBI/NIA) को कब सौंपी जाएगी?
राम लला के मंदिर में हुई इस चोरी ने देश भर के हिंदू संगठनों को हिलाकर रख दिया है। ‘पाको गुजरात’ आखिर तक जनता के सामने रिपोर्ट लाता रहेगा ताकि यह पता चल सके कि इस बड़ी चोरी के असली गुनहगार कौन हैं और यह स्कैम कितना फैला हुआ है।

