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वेजलपुर में ‘डेवलपमेंट’ के दावे पानी में: अधूरी सड़क और गंदी नालियों की वजह से KK हाई स्कूल के पास भरा बारिश का पानी, स्टूडेंट्स परेशान

वेजलपुर – पंचमहल : जब TDO श्री वेजलपुर गांव आएंगे, तभी पता चलेगा कि डेवलपमेंट के दावों के बीच स्कूल के पास कैसा नरक बना हुआ है, नालियां कितनी चोक हैं और कैसे घटिया प्लानिंग से बनी हाई रोड बच्चों के लिए आफत बन गई है

मॉनसून की पहली बारिश ने ही डेवलपमेंट के बड़े-बड़े दावे करने वाली कलोल तालुका पंचायत और वेजलपुर ग्राम पंचायत की पोल खोल दी है। लाखों रुपये की लागत से हो रहे डेवलपमेंट के काम सिर्फ कागजों पर चमक रहे हैं, वेजलपुर में घाट दिख रहा है। ग्राम पंचायत एरिया के स्कूल में घुटनों तक गंदा पानी भरा होने की वजह से छोटे-छोटे बच्चे और स्टूडेंट्स नरक जैसे हालात से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। अधिकारियों की AC केबिन कल्चर वाली सोच और कॉन्ट्रैक्टर की घटिया प्लानिंग की वजह से आज वेजलपुर के पेरेंट्स और गांव वालों में भारी गुस्सा है। लोकल लोगों के तीखे आरोपों के मुताबिक, एडमिनिस्ट्रेशन का किया गया काम पूरी तरह से बिना सोचे-समझे की गई प्लानिंग है।

स्कूल जाने वाली मेन रोड के ऊपर की तरफ की सड़क तो बना दी गई और उसे ऊंचा कर दिया गया, लेकिन स्कूल के पास का मेन हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया, जैसे उसे करप्शन से बनाया गया हो। नतीजा यह हुआ कि पूरी सड़क खड़ी हो गई और आस-पास के इलाके का सारा बारिश का पानी इस नीची अधूरी सड़क पर और स्कूल के एंट्रेंस के पास जमा हो गया। सवाल यह उठता है कि क्या इंजीनियर और सुपरवाइजर सड़क बनाते समय आंखें मूंदे बैठे थे? नालियों की कभी ठीक से सफाई या मेंटेनेंस नहीं किया गया। नतीजा यह हुआ कि नालियां चोक हो गई हैं और बारिश का पानी निकलने की जगह सीवेज सड़क पर बह रहा है। इस गंदे पानी की वजह से स्कूल के बच्चों में जानलेवा बीमारियां फैलने का खतरा बहुत ज्यादा है, जिसका जिम्मेदार कौन होगा? जो ग्राम पंचायत अपनी नाक के नीचे स्कूलों के पास पानी निकलने का आसान इंतजाम नहीं कर सकती, उसके विकास के दावे हवा में तीर चलाने जैसे हैं। सड़क बनाने में इतनी घटिया प्लानिंग की गई कि ऊपर की सड़क ऊंची कर दी गई और स्कूल के पास का मेन हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया! नतीजा यह है कि पूरा गांव इस नरक से जूझ रहा है।

लाखों रुपये का बजट कहां इस्तेमाल हुआ? प्री-मॉनसून सफाई के नाम पर किसके नाले भरे गए? ये सब मामले अब शक के दायरे में हैं। क्या प्रशासन और पंचायत के नेता इतने बहरे हो गए हैं कि उन्हें जनता की चीखें सुनाई नहीं दे रही हैं? क्या इस गंदे पानी की वजह से कोई बच्चा गंभीर बीमारी से पीड़ित है या किसी बड़ी मुसीबत का इंतजार किया जा रहा है? वेजलपुर के लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर TDO खुद उनसे मिलकर अधूरी सड़क और सीवरेज की समस्या का तुरंत समाधान नहीं करते हैं, तो लोग खुद कागजों पर आंखें मूंदने वाले अधिकारियों को जमीन पर लाकर हिसाब मांगेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे!

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