छोटा उदेपुर : मानसून शुरू होते ही छोटा उदेपुर ज़िले के भोले-भाले आदिवासी और लोकल किसानों को पैसे की तंगी में धकेलने का एक बहुत बड़ा स्कैम सामने आया है। छोटा उदेपुर के पारंपरिक हाट बाज़ारों में बिना किसी सरकारी ब्रांड या अथॉरिटी के बीज बेचे जा रहे हैं। लालची फेरीवालों का एक पूरा गैंग भोले-भाले किसानों को धोखा देकर मोटा मुनाफ़ा कमाने निकल पड़ा है, और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन उन पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।
न नाम, न पता… बस चमकदार पैकिंग का खेल!
हाट बाज़ारों में बिकने वाले इन बीजों के आकर्षक पैकेट पर न किसी असली कंपनी का नाम होता है, न बनाने वाले का पता, और न ही कोई ज़रूरी डिटेल्स। चौंकाने वाली बात यह है कि ये बीज बिना किसी पक्के बिल के कैश में बेचे जा रहे हैं। सरकारी नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर की जा रही यह बिक्री साबित करती है कि बीज माफिया को कानून का कोई डर नहीं है। किसान इस समय बिना बिल के खरीदे गए इन बीजों की क्वालिटी और असली होने को लेकर बहुत परेशान हैं।
जलता हुआ सवाल: अगर इन बीजों को बोने के बाद फसल खराब हो गई, तो किसानों के सिर पर जो कर्ज का पहाड़ टूटेगा, उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा? ये बीज बेचकर गायब होने वाले फेरीवाले या AC चैंबर में बैठकर तमाशा देखने वाला एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट?
सोता हुआ पकड़ा गया एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट, किसानों में भारी गुस्सा
हर साल अच्छी क्वालिटी के बीजों के बड़े-बड़े दावे करने वाला एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट इस गंभीर मामले पर गहरी नींद में सोता हुआ दिख रहा है। अगर नकली बीजों की वजह से किसानों की पूरी फसल खराब हो गई, तो गांव की इकॉनमी चौपट हो जाएगी। हालात की गंभीरता को समझते हुए, लोकल किसानों ने अब लड़ाई के मूड में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट से तुरंत छापेमारी और सही एक्शन लेने की मांग की है।
‘महानगर मेट्रो ‘ के तीखे सवाल:
इन फेरीवालों को बाज़ारों में खुलेआम गैर-कानूनी बीज बेचने की हिम्मत कहाँ से मिली? क्या लोकल अधिकारियों की कोई मिलीभगत है?
बीज के पैकेट पर कंपनी का नाम या पता न होने के बावजूद एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट का फ्लाइंग स्क्वॉड एक्शन क्यों नहीं ले रहा है?
महंगे बीज और बीज खरीदने वाले किसानों के साथ हो रही इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार कब जागेगी?
अगर समय रहते इस नकली बीज घोटाले को नहीं रोका गया तो छोटा उदयपुर के हजारों किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे। ‘पाको गुजरात’ किसानों के न्याय के लिए इस मुद्दे को अंजाम तक पहुंचाएगा।
इमरान मीर

