मुंबई में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। गुरुवार को लगातार तीसरे दिन हुई भारी बारिश से मायानगरी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में 90 मिमी से 99 मिमी के बीच हुई मूसलाधार बारिश की वजह से कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई।
महाराष्ट्र के मुंबई में मानसून की पहली तेज बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी तो वहीं शहर की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया। कई इलाकों में भारी जलभराव के कारण सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। हालात ऐसे बने कि सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बहती नजर आईं। यहां तक कि ताकत और मजबूती का प्रतीक माने जाने वाले शक्तिमान ट्रक भी पानी में फंसकर बेबस दिखे। एक तरफ लोगों ने बारिश का आनंद लिया, तो दूसरी तरफ इस बारिश ने शहर की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी।
ट्रेन सेवाएं और उड़ानें भी प्रभावित
पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में 90 मिमी से 99 मिमी के बीच हुई मूसलाधार बारिश की वजह से कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई। इस जलभराव के कारण सड़क यातायात और उपनगरीय (लोकल) ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। वहीं खराब मौसम के चलते मुंबई आने वाली तीन उड़ानों का मार्ग भी बदलना पड़ा। हालांकि, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बाद में सभी उड़ानें सुरक्षित मुंबई लौट आईं।
भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों में मुंबई और उसके उपनगरों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके साथ ही आईएमडी ने आज के लिए पड़ोसी जिले पालघर में और गुरुवार और शुक्रवार दोनों दिन के लिए रायगढ़ में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की। उन्होंने कहा कि शहर में अगले तीन घंटों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट है। अगर कोई जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें, वरना सावधानी बरतते हुए सुरक्षित रहें।
इन इलाकों में भारी जल भराव
लगातार बारिश के कारण अंधेरी सबवे, सांताक्रूज, खार, बांद्रा, कुर्ला, विक्रोली, पवई, घाटकोपर, भांडुप और मुलुंड जैसे निचले इलाकों से जल भराव की शिकायतें मिलीं। अंधेरी सबवे में पानी भरने के कारण प्रशासन को यातायात का रूट बदलना पड़ा। सड़क पर रेंगते वाहनों के कारण लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन बाधाओं के बावजूद सार्वजनिक परिवहन सेवाएं रुकी नहीं। लोकल ट्रेनें अपने तय समय से 10 से 15 मिनट की देरी से चलती रहीं और शाम 6 बजे तक स्थिति को सामान्य कर लिया गया।
पेड़ गिरने की 45 घटनाएं, हादसे में छात्र की मौत
भारी बारिश और हवाओं के कारण बीएमसी को पेड़ और टहनियां गिरने की 45 शिकायतें, शॉर्ट सर्किट की 7 और मकान का हिस्सा गिरने की 3 शिकायतें प्राप्त हुईं। गनीमत रही कि बुधवार को हुई इन घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, इससे एक दिन पहले चेंबूर इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ था, जहां एक विशाल पीपल का पेड़ चलती हुई स्कूल बस पर गिर गया था। इस हादसे में 11 वर्षीय एक छात्र की मौत हो गई थी और चार अन्य छात्र घायल हो गए थे।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और तेज बारिश का अनुमान जताया है, जिससे शहर के निचले इलाकों में हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

