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‘घंटे भर नहीं आई मदद, आंखों के सामने फंसा रह गया पैर’, दौसा बस हादसे में इंदौर के 5 की मौत, 22 घायल

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ऋषिकेश से इंदौर आ रही हंस ट्रेवल्स की स्लीपर बस के ट्रेलर से टकराने के बाद भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में इंदौर के 5 यात्रियों सहित 8 लोगों की मौत हो गई।

दिल्ली-मुंबई हाईवे बस दुर्घटना में इंदौर के 5 लोगों की मौत हो गई

इंदौर: राजस्थान के दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने इंदौर के कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं। ऋषिकेश से तीर्थयात्रा कर इंदौर लौट रही हंस ट्रेवल्स की एक स्लीपर बस हाईवे पर आगे चल रहे एक ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में दोनों वाहनों में भयंकर आग लग गई।

इस दर्दनाक हादसे में इंदौर के पांच निवासियों समेत कुल आठ यात्रियों की मौत हो गई है। वहीं, 22 अन्य यात्री गंभीर रूप से झुलस गए और घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की खबर मिलते ही इंदौर में मृतकों के घरों में कोहराम मच गया।

आधी रात को एक्सप्रेसवे पर मची चीख-पुकार

यह दर्दनाक वाकया मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे एक्सप्रेसवे पर कोलवा थाना इलाके के तनावड़ जीरो पॉइंट के पास हुआ। पुलिस की प्राथमिक जांच के मुताबिक, आशंका है कि बस ड्राइवर को अचानक नींद की झपकी आ गई थी, जिसके कारण तेज रफ्तार बस सीधे ट्रेलर में जा घुसी। आग इतनी तेजी से फैली कि सोते हुए यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पांच लोग आग में जिंदा जल गए, जबकि तीन की मौत गंभीर चोटों के कारण हुई।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कोलवा थाना क्षेत्र के पास देर रात 2:30 बजे हुआ दर्दनाक हादसा।
ऋषिकेश से इंदौर लौट रही हंस ट्रेवल्स की बस में आग लगने से इंदौर के 5 नागरिकों की मौत।
हादसे में मारे गए 8 लोगों में से 5 की जान बस में लगी भीषण आग के कारण जिंदा जलने से हुई।
चश्मदीद यात्री का दावा, सूचना देने के करीब एक घंटे बाद तक मौके पर नहीं पहुंची कोई राहत टीम।

‘आंखों के सामने बेहोश हो गई पत्नी’

बस में सवार इंदौर के चंद्रप्रकाश गुप्ता ने रोते हुए इस हादसे का दिल दहला देने वाला मंजर बयां किया। उन्होंने बताया, ‘टक्कर के बाद बस में धुआं भर गया। मैं किसी तरह बाहर निकला, लेकिन मेरी पत्नी का पैर सीट में फंस गया था। मैंने निकालने की बहुत कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते वह बेहोश हो गईं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग को बार-बार फोन करने के बाद भी एक घंटे तक कोई मदद नहीं पहुंची। अगर समय पर रेस्क्यू टीम आती, तो शायद कई और जानें बचाई जा सकती थीं। फिलहाल पुलिस मामले की तकनीकी जांच कर रही है।

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