स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सम्मान देने के लिए मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर भोपाल में उनके घर जाकर सम्मान करने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिजनों के आवास पर पहुंचकर शॉल, श्रीफल और उपहार भेंट किए।
भोपाल में स्वतंत्रता दिवस से पहले राज्यपाल मंगुभाई पटेल की पहल पर अधिकारियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के घर पहुंचकर उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्वतंत्रता दिवस के जश्न से पहले एक बेहद संवेदनशील और सम्मानजनक पहल देखने को मिली है। देश के लिए अपनी जवानी और जिंदगी होम करने वाले सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए एक खास कदम उठाया गया है। राज्य के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सीधे स्वतंत्रता सेनानियों के घरों का रुख किया और उन्हें ससम्मान घर जाकर नमन किया। इस पहल से न सिर्फ बुजुर्ग सेनानियों के चेहरों पर मुस्कान आई, बल्कि उनके परिवारों ने भी इस अपनेपन को दिल से सराहा।
राज्यपाल के निर्देश पर घर-घर पहुंचे अधिकारी
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल की ओर से लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भोपाल के अलग-अलग इलाकों में जाकर स्वतंत्रता सेनानियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने इन वीरों को शॉल, श्रीफल, मिठाई और अन्य उपहार भेंट किए। इस दौरान देश की आजादी के लिए उनके संघर्ष और योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस व्यक्तिगत मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि सरकार अपने नायकों को भूली नहीं है।
भोपाल के इन सेनानियों और परिवारों का हुआ सम्मान
इस विशेष अभियान के तहत भोपाल के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद जमीर, सावित्री देवी वर्मा, देवीशरण, पार्वती देवी और नारायणी देवी के आवास पर जाकर उनका सम्मान किया गया। इसके अलावा, दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी हबीब नजर की पत्नी फिरोज जहां और दिवंगत मोहम्मद मुख्तार खान की पत्नी अख्तर जहां को भी उनके घर पर ही सम्मानित किया गया। यह पूरी प्रक्रिया स्वतंत्रता दिवस के जश्न में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अध्याय जोड़ती है।
लाल परेड ग्राउंड में सजेगा मुख्य राज्य स्तरीय समारोह
दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में शनिवार को पूरे जोश के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। राज्य का मुख्य समारोह राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और संयुक्त परेड की सलामी लेंगे। परेड का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को अपना संदेश देंगे। सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियां चाक-चौबंद कर ली गई हैं ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव लाल परेड ग्राउंड में फहराएंगे राष्ट्रीय ध्वज।
परेड का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी आदित्य सिंगारिया करेंगे।
मार्च पास्ट में पुलिस और सुरक्षा बलों की कुल 22 टुकड़ियां लेंगी हिस्सा।
उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।
परेड में शामिल होंगी 22 टुकड़ियां
लाल परेड ग्राउंड पर होने वाले इस भव्य मार्च पास्ट में कुल 22 टुकड़ियां कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेंगी। इस बार परेड की कमान जबलपुर जिले के सिहोरा के एसडीओपी, आईपीएस अधिकारी आदित्य सिंगारिया संभालेंगे, जबकि सिंगरौली के नगर पुलिस अधीक्षक हेमंत कुमार सहायक परेड कमांडर की भूमिका अदा करेंगे। सुरक्षा बलों का यह तालमेल देखने लायक होगा।

