Homeभारतउत्तरप्रदेशयूपी का भविष्य बदल देगा डिफेंस कॉरिडोर, करीब 40 हजार करोड़ के...

यूपी का भविष्य बदल देगा डिफेंस कॉरिडोर, करीब 40 हजार करोड़ के निवेश से पैदा होंगी 15,000 नौकरियां

उत्तर प्रदेश के रक्षा सामग्री उत्पादन में अग्रणी राज्य बनने की उम्मीद है। राज्य में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) में भारी निवेश की आशा है। फिलहाल यूपी में नौ इकाइयों ने रक्षा सामग्री का उत्पादन शुरू कर दिया है।

लखनऊ: रक्षा सामग्री उद्योग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नई ऊंचाईयों को छूने लगा है। राज्य में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) में 39,571 करोड़ रुपये का निवेश होने की आशा है। राज्य में नौ निर्माण इकाइयां पहले से चल रही हैं और 13,486 करोड़ के प्रोजेक्ट धरातल पर उतर चुके हैं। यह भारत के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में यूपी की बढ़ती भूमिका को स्पष्ट करता है।

उत्तर प्रदेश में सन 2018 में शुरू की गई उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेलवपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) द्वारा विकसित किया गया यह डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कानपुर, झांसी, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट में छह हिस्सों में फैला है। इसमें अब तक किए गए निवेश से करीब 15,300 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

करीब 13,486 करोड़ रुपये की परियोजनाएं आकार ले चुकीं

यूपीडीआईसी एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कॉरिडोर में करीब 13,486 करोड़ रुपये की परियोजनाएं आकार ले चुकी हैं। इनमें करीब 15,300 रोजगार पैदा करने की क्षमता है। यह परियोजनाएं यूपी की रक्षा निर्माण क्षमताओं को काफी मजबूत करेंगी। उत्तर प्रदेश अब अगले पांच वर्षों में 25,000 करोड़ का और निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य तय कर रहा है। इस निवेश से करीब 20 से 22 हजार नौकरियां पैदा होंगी।

राज्य में 65 उद्योगों ने ली जमीन

डिफेंस कॉरिडोर के लिए 2095 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गई है। इसमें से 1141.79 हेक्टेयर जमीन उद्योगों को आवंटित की जा चुकी है। रक्षा सामग्री उत्पादन से जुड़ीं इकाइयां लगाने के लिए 65 कंपनियों ने जमीन ली है। कानपुर में सबसे अधिक 12,948 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। इसके बाद झांसी में 12,190 करोड़ रुपये का निवेश होने वाला है। लखनऊ में 4850.67 करोड़ रुपये का निवेश आया है। अलीगढ़ में 4581 करोड़ रुपये, चित्रकूट में 4392 करोड़ रुपये और आगरा में 607 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

डिफेंस कॉरिडोर में पहले से नौ उत्पादन इकाइयां काम कर रही हैं। इनमें से कानपुर, लखनऊ और अलीगढ़ में तीन-तीन यूनिटें हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेलवपमेंट अथॉरिटी को उम्मीद है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक, यानी मार्च 2027 तक 14 और इंडस्ट्रियल यूनिटों में प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा।

कई इंडस्ट्री ने शुरू कर दिया उत्पादन

अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस उद्योग ने कानपुर में अपनी 1500 करोड़ की गोला-बारूद बनाने वाली फैक्ट्री में काम शुरू कर दिया है। यह इस कॉरिडोर में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। अलीगढ़ में वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड ने 65 करोड़ के निवेश से छोटे हथियारों का उत्पादन शुरू कर दिया है। नित्या क्रिएशन्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 12 करोड़ के निवेश से सटीक हथियारों के पुर्जों का निर्माण शुरू कर दिया है। श्रीधा उद्योग ने पुर्जे बनाने के उद्योग में 3.7 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके अलावा एमिटेक (AMITECH) ने 330 करोड़ रुपये के निवेश से अपना स्पेस पोर्ट स्टेशन चालू कर दिया है।

डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बना लखनऊ

उत्तर प्रदेश में लखनऊ एक उन्नत डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर उभर रहा है। यहां पर एयरोलॉय टेक्नोलॉजीज ने 320 करोड़ रुपये के निवेश से टाइटेनियम कास्टिंग का काम शुरू किया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने अपनी 300 करोड़ रुपये की फैक्ट्री में ब्रह्मोस एनजी मिसाइल सिस्टम का प्रोडक्शन और असेंबली का काम शुरू कर दिया है। संकल्प सेफ्टी सॉल्यूशंस ने भी 14 करोड़ के निवेश से सुरक्षा उपकरण और बुने हुए कपड़े बनाना शुरू किया है।

कानपुर में एआर पॉलिमर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 48 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसने बैलिस्टिक मटीरियल और सुरक्षा गियर का प्रोडक्शन शुरू किया है। मॉर्डन मटीरियल्स एंड साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड ने 38.58 करोड़ रुपये के निवेश से डिफेंस टेक्सटाइल्स शुरू कर दी है।

यूपी की आर्थिक तस्वीर बदलेगा कॉरिडोर

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक डिफेंस कॉरिडोर एक हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाकर और ग्लोबल निवेश को आकर्षित करके उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने के लिए तैयार है। दशकों तक राज्य को मुख्य रूप से खेती और पारंपरिक उद्योगों के नजरिए से देखा जाता था। डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग के उभरने से यूपी की एक नई पहचान बन रही है।

यूपी में डिफेंस कॉरिडोर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भरपूर समर्थन मिला है। उन्होंने 21 जून को हमीरपुर में इस प्रोजेक्ट को बुंदेलखंड और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताया था। उन्होंने कहा था कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर ऐसे इलाके में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के मौके ला रहा है जो औद्योगिक विकास में पहले पीछे रह गया था।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments