थाईलैंड की युवतियों के साथ ‘देह व्यापार’ का धंधा ज़ोरों पर, ‘एक्यम स्पा’ बना अय्याशी का अड्डा!
अहमदाबाद, (पवन माकन)। शहर के पॉश बोडकदेव इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि पुलिस स्टेशन से महज़ कुछ दूरी पर स्थित “एक्यम स्पा” नामक सेंटर में ‘थेरेपी’ की आड़ में लंबे समय से अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। सूत्रों के अनुसार, यह स्पा सेंटर केवल नाम का स्पा नहीं, बल्कि कथित रूप से एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था। यहां आने वाले ग्राहकों को ‘स्पेशल’ और ‘एक्सक्लूसिव’ सेवाओं का लालच दिया जाता था, जो सामान्य सेवाओं से कहीं आगे की बताई जा रही हैं।

बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में बाहरी देशों की युवतियों की संलिप्तता भी हो सकती है। यदि यह तथ्य सही साबित होता है, तो यह मामला न केवल अवैध गतिविधियों बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क से जुड़ सकता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि उस क्षेत्र में संचालित होने की चर्चा है, जो पुलिस निगरानी के दायरे में आता है। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या संबंधित एजेंसियां इससे अनजान थीं या फिर कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि इस पूरे मामले में अवैध आर्थिक लेन-देन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते रोक नहीं लगी, तो शहर की छवि और सुरक्षा दोनों प्रभावित होंगी।
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इस पूरे मामले के उठते बड़े सवाल
▪ क्या स्पा की आड़ में लंबे समय से संगठित अनैतिक कारोबार चल रहा था?
▪ क्या पुलिस को इसकी जानकारी थी या यह निगरानी की बड़ी विफलता है?
▪ क्या विदेशी युवतियों के दस्तावेज और अनुमति वैध हैं?
▪ क्या इस नेटवर्क के पीछे बड़े प्रभावशाली लोग शामिल हैं?
▪ क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?
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नजरें अब प्रशासन पर
अब यह देखना अहम होगा कि उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले को किस स्तर पर लेते हैं। यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो शहर में चल रहे ऐसे नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है। वहीं, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला पुलिस व्यवस्था पर अविश्वास को और गहरा कर सकता है।

