भीनमाल (मुकेश सोलंकी) । शहर में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर बाबा खाटू श्याम के भक्तों का उत्साह देखने को मिला। स्थानीय अग्रवाल धर्मशाला के बाहर श्याम मित्र मंडल के तत्वावधान में ‘एक शाम बाबा श्याम के नाम’ विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस धार्मिक उत्सव में हिसार के प्रसिद्ध भजन गायक अभिनव ऐरन ने अपनी सुरीली और सुमधुर आवाज़ से देर रात तक पूरे पंडाल को भक्ति के रंग में सरोबार रखा।
आकर्षक फूलों से सजा बाबा का अलौकिक दरबार
निर्जला एकादशी (ग्यारस) के विशेष मौके पर भीनमाल में बाबा श्याम का भव्य और अलौकिक दरबार सजाया गया। देश-विदेश के आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे इस दरबार में बाबा की अद्भुत झांकी ने हर श्रद्धालु का मन मोह लिया। इस पवित्र उपवास के दिन बाबा के दर्शनों के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। भीषण गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने पंडाल में उपस्थित होकर बाबा के दर्शन किए और पुण्य लाभ कमाया।
भजनों पर देर रात तक झूमते रहे श्रद्धालु
हिसार से विशेष रूप से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक अभिनव ऐरन ने गणेश वंदना के साथ भजन संध्या की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई लोकप्रिय और भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियां दीं। उनके द्वारा गाए गए प्रमुख भजनों – “लेने आजा खाटू वाले रींगस के उस मोड़ पे…”, “हारा हूं बाबा पर तुझ पे भरोसा है…” और “छोटी सी अर्जी मेरी कर लेना स्वीकार…” पर पूरा पंडाल बाबा श्याम के जयकारों से गूंज उठा। गायक ऐरन की सुरीली तान और भजनों की धुन पर भक्तगण अपने स्थानों पर खड़े होकर देर रात तक झूमते और नृत्य करते नजर आए।
धार्मिक आयोजन में उमड़ा जनसैलाब
इस विशाल भजन संध्या के भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और श्याम भक्तों का सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर नवरत्न अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, श्रवण अग्रवाल, हनुमान अग्रवाल, ब्रजमोहन अग्रवाल, नारायण जांगिड़, अशोक धारीवाल, सीएल गहलोत, गोपाल बालौत, संदीप देसाई, कपिल अग्रवाल, राहुल सोनी, पीयूष दवे, संदीप सिंह राव, लक्ष्मण त्रिवेदी, मयंक दवे, नरेश सोनी, ध्रुव शर्मा, सुमित कुमार, सौरभ दवे, जीतू सोनी, दशरथ वैष्णव, मुकेश सोलंकी, उत्तम सिंह, करण बंजारा, दिनेश प्रजापत, मोहित अग्रवाल, विक्रम सोनी, राहुल सोनी (J) एवं मदन दवे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति और श्याम मित्र मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।

