मुंबई (स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव) : जैसे देश में पेपर लीक करने वाला गैंग और करप्ट सिस्टम कानून से ऊपर हो गया है, वैसे ही एक और बड़े एग्जाम का पेपर लीक हो गया है। महाराष्ट्र में कल होने वाले प्रतिष्ठित टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET-2026) का पेपर एग्जाम से कुछ घंटे पहले ठाणे में मिला, जिससे पूरे एजुकेशन जगत और लाखों कैंडिडेट्स में भारी गुस्सा है। पुलिस ने इस स्कैम के कुछ मास्टरमाइंड आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इस घटना की वजह से कल का एग्जाम कैंसिल होने की पूरी संभावना है।
ठाणे से पेपर जब्त, पहले से बेचे जाने का शक
मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस को एक पक्का लिंक मिला था कि TET एग्जाम का असली पेपर लीक हुआ है। पुलिस ने इस पूरे लिंक का पीछा करते हुए ठाणे इलाके में रेड मारी थी, जहां से कल के एग्जाम का क्वेश्चन पेपर मिला। शुरुआती जांच में पता चला है कि पेपर के एग्जाम सेंटर पहुंचने से पहले ही यह पेपर बिचौलियों और एजेंटों ने लाखों रुपये में कैंडिडेट्स को बेच दिया था। पुलिस ने इस रैकेट में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है।
‘महानगर मेट्रो गुजरात’ सरकार से सीधे और कड़े सवाल:
यह पहली घटना नहीं है, देश के अलग-अलग राज्यों में सरकारी भर्ती और एलिजिबिलिटी एग्जाम के पेपर बार-बार लीक हो रहे हैं। इस घटना के बाद एडमिनिस्ट्रेशन और हुक्मरानों के सामने कुछ ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनके जवाब लाखों युवा ढूंढ रहे हैं:
- सरकार के सख्त कानूनों की बातें सिर्फ कागजों पर ही क्यों हैं? अक्सर कहा जाता है कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, फिर इन स्कैमर्स को कानून का डर क्यों नहीं है?
- एग्जाम एडमिनिस्ट्रेशन में बैठे ‘व्हाइट-कॉलर’ कौन हैं? स्ट्रॉन्ग रूम या सिक्योरिटी तोड़े बिना कोई पेपर लीक नहीं हो सकता। तो महाराष्ट्र एजुकेशन डिपार्टमेंट और एग्जामिनेशन बोर्ड में बैठे किन बड़े अधिकारियों की सरपरस्ती में यह काला धंधा चल रहा है? इसकी जांच कब होगी? 3. कैंडिडेट्स को हुए पैसे और दिमागी नुकसान की भरपाई कौन करेगा? जब सालों से मेहनत करके आए और बहुत गरीब हालात से आए कैंडिडेट्स एग्जाम देने के लिए अपने घरों से निकलते हैं और उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया है, तो AC चैंबर में बैठे हुक्मरानों को क्या पता कि उनकी दिमागी हालत पर क्या बीतती है?
लाखों युवाओं के सपने टूटे, आंदोलन की धमकी
जैसे ही इस भयानक धमाके की खबर जंगल में आग की तरह फैली, महाराष्ट्र समेत देश भर के स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन सड़कों पर उतर आए हैं। कैंडिडेट्स का कहना है कि वे कल एग्जाम देने के लिए दूर-दराज के सेंटर्स पर पहुंचे हैं, किराए का पैसा खर्च किया है और अब एग्जाम कैंसिल होने का डर है। अगर सरकार इस मामले में कोई ठोस और सख्त कदम नहीं उठाती है, तो यह तय है कि आने वाले दिनों में स्टूडेंट्स सरकार के खिलाफ एक ज़बरदस्त आंदोलन करेंगे। अब देखना यह है कि सरकार सिर्फ छोटे-मोटे मोहरे पकड़कर खुश होती है या इस लीकेज की असली जड़, गंगोत्री तक पहुंचकर एक मिसाल कायम करती है।

