महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक सरगर्मी के बीच उद्धव ठाकरे ने महा विकास अघाड़ी (MVA) की एकजुटता दिखाने के लिए विधायकों की बैठक बुलाई। हालांकि इसमें एमवीए के कुल 60 विधायकों में से सिर्फ 37 विधायक ही बैठक में पहुंचे जबकि 23 विधायक गायब रहे।
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र के बीच महा विकास अघाड़ी (MVA) ने बुधवार को मुंबई में अपने विधायकों की एक खास बैठक बुलाई। गठबंधन की तीनों पार्टियों के कुल 60 विधायकों में से सिर्फ 37 के शामिल होने से राज्य की राजनीति में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। खबरों के मुताबिक, बैठक में गठबंधन के भीतर तालमेल और उसकी संगठनात्मक ताकत पर चर्चा हुई।
MVA की बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
मुंबई में हुई इस बैठक में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के साथ-साथ संजय राउत, शशिकांत शिंदे और सतेज पाटिल मौजूद थे। यह बैठक मॉनसून सत्र के दौरान बुलाई गई थी। इसमें विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दों को ज़ोर-शोर से उठाने, सदन के अंदर और बाहर एकजुट रुख अपनाने और सभी सहयोगी पार्टियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर ज़ोर दिया गया।
बैठक में 37 सदस्य ही पहुंचे
राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात की भी समीक्षा की गई। हाल ही में पार्टी छोड़कर जाने वालों के बीच नेतृत्व ने यह संदेश दिया कि जो लोग चले गए हैं, उन पर ध्यान न दें। आगे की लड़ाई पर ध्यान दें। हालांकि बैठक को उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिली। जहां एमवीए के लगभग 60 विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के शामिल होने की उम्मीद थी, वहीं सिर्फ 37 सदस्य ही पहुंचे। नतीजतन एकजुटता दिखाने के मकसद से बुलाई गई बैठक से लगभग आधे सदस्यों की गैर-मौजूदगी ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है।
कौन-कौन बबैठक में नहीं आया?
उद्धव ठाकरे की मीटिंग से गायब रहने वाले विधायकों में 6 कांग्रेस, 5 शिवसेना (यूबीटी) और पांच एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के हैं। माना जा रहा है कि कमजोर हो रहे उद्धव गुट की अनदेखी के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं ने मीटिंग से दूरी बना ली। उद्धव ठाकरे की चिंता की वजह उनकी पार्टी के पांच विधायक हैं, जो मीटिंग में नहीं आए।
जयंत पाटिल
नाना पटोले
विजय वडेट्टीवार
अमित देशमुख
रोहित पवार
उत्तमराव जानकर
असलम शेख
संदीप क्षीरसागर
सुनील राऊत
गजानन लवटे
बाबाजी काले
राहुल पाटिल
संजय डेरकर
अनिल बालासाहेब मंगुलकर
क्या हम सच में एकजुट हैं?
बताया जा रहा है कि एमवीए की बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने गठबंधन के भीतर तालमेल को लेकर खुलकर चिंता जताई। उन्होंने पूछा कि हम महा विकास अघाड़ी के तौर पर एकजुट होने का दावा तो करते हैं, लेकिन क्या हम सच में एकजुट हैं? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष सदन में एकजुट रुख अपनाता है और क्या वे उन्हीं मुद्दों पर जोर-शोर से लड़ते हैं। उन्होंने संयुक्त रूप से विधायी सत्र, बैठकें, आंदोलन और जन-संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

