बनासकांठा। गुजरात के मशहूर तीर्थस्थल अंबाजी से एक बहुत ही गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति को खुलेआम चुनौती देती है। अंबाजी के सबसे बड़े माने जाने वाले एरिया नंबर 8 में दो से तीन असामाजिक और बदमाश तत्वों ने इलाके की सुरक्षा कर रही पुलिस पर लाठियों और पत्थरों से जानलेवा हमला किया है। खाकी से बेखौफ इन गुंडों ने पुलिस की PCR वैन में भी तोड़फोड़ की और सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया है। अगर अंबाजी के स्थानीय लोगों ने समय रहते दखल नहीं दिया होता, तो शायद एक बड़ी मुसीबत टल जाती।
आरोपी को पकड़ने गई टीम पर पथराव और लाठीचार्ज!
मिली जानकारी के मुताबिक, अंबाजी पुलिस टीम एक संदिग्ध आरोपी को पकड़ने के लिए इलाके में पहुंची थी। लेकिन जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, बेकाबू हो चुके बदमाशों और बदमाशों ने पुलिसवालों को घेर लिया। कानून को जेब में रखकर घूम रहे इन गुंडों ने अचानक पुलिस स्टाफ पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला करना शुरू कर दिया। गुंडों के इस हिंसक आतंक से इलाके में कुछ देर के लिए बहुत अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया।
स्थानीय लोग बने फरिश्ते, एक पुलिसवाले की जान बचाई
इस हमले के दौरान, गुंडे पुलिसवालों को बेरहमी से मार रहे थे, तभी आस-पास के स्थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाई और बीच-बचाव किया। लोग इकट्ठा हुए और गुंडों का सामना किया और पुलिसवालों को उनके चंगुल से छुड़ाकर बचाया। हालांकि, इस हमले में पुलिसवाला घायल हो गया और उसे इलाज के लिए ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही, सीनियर पुलिस अधिकारियों की एक बड़ी टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही घंटों में हमलावरों को गिरफ्तार करके उनके घर पहुंचाने की कोशिश की गई।
जहां पुलिस सुरक्षित नहीं है, वहां आम जनता का क्या?
इस घटना ने पूरे राज्य में बहस छेड़ दी है और कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर गुंडे अंबाजी जैसे पवित्र तीर्थस्थल पर पुलिस पर हमला करने से नहीं डरते, जहां लाखों भक्त आते हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या? पाक्को गुजरात न्यूज़ सवाल उठाता है कि इन असामाजिक तत्वों में कानून का डर क्यों नहीं है? अब देखना यह है कि क्या बनासकांठा पुलिस इन गुंडों को कानून का ऐसा सबक सिखाएगी कि वे फिर कभी किसी खाकी पर हाथ उठाने की हिम्मत नहीं करेंगे!

