जीतू पटवारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी पर आरोप लगाए हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि उनकी पृष्टिभूमि RSS की है।
भोपाल: सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका के मामले में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। राज्यसभा चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। लेकिन कोर्ट ने इस मामले में लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया।
रिटर्निंग ऑफिसर की पृष्टिभूमि पर उठाए सवाल
याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस ने ट्वीट कर बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- ‘मीनाक्षी नटराजन के नामांकन मामले में जो रिटर्निंग ऑफिसर है, उसकी पृष्ठभूमि संघ की है। इससे पहले जब एक विधायक ने सदस्यता ली थी, तब भी उनकी भूमिका संदिग्ध थी। कल जब BJP के तीन राज्यसभा सांसद चुने गए तो रिटर्निंग ऑफिसर सुबह 8:30 बजे ही ऑफिस पहुंच गए थे।
हमसे कहा गया 11 बजे मिलेंगे
लेकिन जब हम उम्मीदवारी निरस्त करने के विरोध में भोपाल चुनाव आयोग ऑफिस के सामने बैठे रहे, वहीं सोए तो कोई संज्ञान नहीं लिया गया और हमसे कहा गया कि रिटर्निंग ऑफिसर सुबह 11 बजे मिलेंगे। यानी जिस तरह से रिटर्निंग ऑफिसर ने रवैया अपनाया, वह लोकतंत्र पर काला धब्बा है।
जीतू पटवारी ने कहा- इसी मामले पर केसी वेणुगोपाल जी के नेतृत्व में हमारा प्रतिनिधमंडल आवेदन लेकर दिल्ली स्थित केंद्रीय चुनाव आयोग के ऑफिस भी गया था। मगर हमारे उस आवेदन पर न संज्ञान लिया गया और न हमें वापस कोई निर्देश दिया गया। ये पूरा रवैया दिखाता है कि नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र को मार दिया है।
मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने नटराजन की याचिका को किया खारिज
जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
कहा- रिटर्निंग अधिकारी RSS के पृष्ठभूमि से आते हैं
9 जून को निरस्त हुआ था नामांकन
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। मीनाक्षी नटराजन ने आखिरी दिन नामांकन दाखिल किया था। उसे बाद 9 तारीख को स्कूटनी के दौरान बीजेपी ने नामांकन फॉर्म में तेलंगाना का केस छिपाने की आपत्ति लगाई थी जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन को अपना पक्ष करने का समय दिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने नामांकन निरस्त कर दिया था।

