मध्य प्रदेश में दूसरे की डिग्री पर डॉक्टर की नौकरी करते हुए नौ डॉक्टरों पर केस दर्ज हुआ है। एमपी मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन भी दूसरे के नाम पर है।
भोपाल: मध्य प्रदेश संविदा पर नौकरी पाने के लिए डॉक्टरों ने फर्जी दस्तावेज जमा किए हैं। बीते दिनों दमोह में तीन डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कई अन्य रडार पर हैं। इसके बाद भोपाल की चुनाभट्टी पुलिस ने ऐसे नौ डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एनएचएम अधिकारियों की शिकायत पर एफआईआर
दरअसल, बुधवार को नेशनल हेल्थ मिशन के अधिकारियों ने शिकायत की थी। इसके बाद मामला दर्ज किया गया है। इनकी नियुक्ति के दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई थी। एसीपी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि एनएचएम कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स , प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स और डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल्स और मेडिकल कॉलेजों के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर डॉक्टरों की भर्ती करता है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अपने डॉक्यूमेंट्स के साथ ऑनलाइन अप्लाई करते हैं और सिलेक्शन से पहले वॉक इन इंटरव्यू में शामिल होते हैं।
81 डॉक्टरों की हुई थी नियुक्ति
जनवरी से मई के बीच 81 डॉक्टरों को कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया गया था। रिकॉर्ड की जांच के दौरान, अधिकारियों को पता चला कि नौ कैंडिट्स ने कथित तौर पर नकली डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे।
वेरिफिकेशन में यह पाया गया कि कैंडिडेट्स के नाम पर जमा किए गए कुछ एमपी मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन नंबर असल में दूसरे डॉक्टरों के नाम पर रजिस्टर्ड थे। आलोक श्रीवास्तव, एसीपी, चुनाभट्टी
अलग-अलग व्यक्तियों के एमबीबीएस सर्टिफिकेट
कुछ मामलों में यह पाया गया कि एमबीबीएस की डिग्री अलग-अलग व्यक्तियों के थे। आरोपियों ने कथित तौर पर असली डॉक्यूमेंट्स की नकली या हूबहू कॉपी तैयार कीं और नौकरी पाने के लिए उसका इस्तेमाल किया।
जांच के दौरान सामने आईं गड़बड़ियां
पुलिस ने बताया कि नियुक्ति के बाद वेरिफिकेशन में इनकी गड़बड़ियां सामने आईं। एनएचएम की शिकायत के आधर पर, धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जांच करने वाले अधिकारी सभी नौ आरोपी डॉक्टरों की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन, मेडिकल रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड और अपॉइंटमेंट डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रहे हैं।

