कोलकाता/सूरत | ब्यूरो न्यूज़ : पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और राजनीतिक हत्याओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में भाजपा के दिग्गज नेता और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के सबसे विश्वसनीय निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार (6 मई) को गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने न केवल बंगाल, बल्कि गुजरात की राजनीति में भी शोक और हड़कंप मचा दिया है।
हत्या से कुछ घंटे पहले ‘सूरत कनेक्शन’
इस हत्याकांड का एक चौंकाने वाला पहलू यह है कि अपनी मौत से महज कुछ घंटे पहले चंद्रनाथ रथ ने सूरत के वरिष्ठ भाजपा नेता और भवानीपुर विधानसभा के प्रभारी डॉ. प्रकाश चंद्र के साथ समय बिताया था।
डॉ. प्रकाश चंद्र पिछले 110 दिनों से बंगाल में चुनाव प्रभारी के रूप में सक्रिय हैं। उन्होंने भारी मन से इस घटना की जानकारी साझा की।
घटनाक्रम : आखिरी मुलाकात और खौफनाक रात
शाम की चाय और रणनीति: बुधवार शाम को चंद्रनाथ रथ और डॉ. प्रकाश चंद्र ने एक साथ बैठकर चाय पी थी।
महत्वपूर्ण बैठक: दोनों नेता चुनाव रणनीति को लेकर आयोजित एक अहम कॉन्फ्रेंस मीटिंग में शामिल थे।
अंतिम विदाई: रात करीब 10:30 बजे बैठक समाप्त होने के बाद दोनों ने एक-दूसरे से विदा ली।
हमला: मीटिंग से घर लौटते समय रास्ते में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ पर गोलियां बरसा दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
“मेरे लिए यह यकीन करना मुश्किल है” — डॉ. प्रकाश चंद्र
“हम रात साढ़े दस बजे तक साथ थे। हमने चुनाव की बारीकियों पर चर्चा की। वह बहुत ऊर्जावान और समर्पित व्यक्ति थे। उनके जाने के कुछ ही समय बाद यह खबर मिलना दिल दहला देने वाला है।” — डॉ. प्रकाश चंद्र (प्रभारी, भवानीपुर विधानसभा)
बंगाल में बढ़ता तनाव
सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा ने इसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) की साजिश करार दिया है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर बंगाल में चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं और सहायकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

