अहमदाबाद। ईडर से एक ऐसी सनसनीखेज सच्चाई सामने आई है, जिसने पूरे जैन समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह कहानी सिर्फ एक आरोप की नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपये ऐंठने के लिए संतों की छवि को दांव पर लगाने वाले एक संगठित गिरोह की है। महानगर मेट्रो न्यूज़ आज इस पूरी ‘चांडाल चौकड़ी’ और उनके घिनौने खेल का पर्दाफाश कर रहा है।
कैसे बुना गया साजिश का जाल?
पूरा मामला ईडर के जैन मुनि राजतिलक सागरजी महाराज से जुड़ा है। एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश के तहत उन्हें कथित हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश की गई और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई। शुरुआती दौर में इस खबर ने समाज में हड़कंप मचा दिया था। साजिशकर्ताओं का मकसद साफ था— दबाव बनाना और करोड़ों रुपये की ब्लैकमेलिंग करना। लेकिन जब पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो झूठ के सारे महल ताश के पत्तों की तरह ढहने लगे।
मास्टरमाइंड और पैसों के खेल का पर्दाफाश
जांच और न्यायिक प्रक्रिया में मुनि राजतिलक सागरजी महाराज पूरी तरह बेदाग और निर्दोष साबित हुए। लेकिन इस केस का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला ट्विस्ट तब आया, जब शिकायतकर्ता किरण हर्षद भाई दोशी और उनकी पत्नी ने खुद एक एफिडेविट (हलफनामा) पेश किया।
इस हलफनामे में उन्होंने साफ तौर पर अपनी मंशा जाहिर करते हुए कबूल किया कि यह पूरा षड्यंत्र सिर्फ और सिर्फ आर्थिक लाभ के लिए रचा गया था।
सूत्रों और सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह कोई छिटपुट घटना नहीं थी। इस पूरे ब्लैकमेलिंग रैकेट और कथित चांडाल चौकड़ी के मास्टरमाइंड जगत पारेख, विक्रम सिंघवी, हार्दिक हुडिया और विक्रम बाफना बताए जा रहे हैं। इसी गिरोह ने जैन समुदाय को बदनाम करने और पैसों की उगाही के लिए यह पूरा मास्टरप्लान तैयार किया था।
जैन समाज में भारी आक्रोश और सख्त कार्रवाई की मांग
सच्चाई सामने आने के बाद जैन समाज के हर वर्ग में भारी रोष और चिंता है। समाज के प्रतिनिधियों का स्पष्ट कहना है कि यह केवल एक संत पर नहीं, बल्कि पूरे धर्म और उसकी साख पर किया गया सीधा हमला है। प्रतिष्ठित लोगों को टारगेट करने वाली इस कथित गैंग को लेकर अब समाज में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
महानगर मेट्रो का स्टैंड
महानगर मेट्रो न्यूज़ इस पूरे सिंडिकेट और इनके द्वारा रचे गए कांडों को जैन समुदाय के सामने बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस जांच और न्यायपालिका ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। धर्म की आड़ में ब्लैकमेलिंग का धंधा चलाने वाले इन चेहरों की सच्चाई अब सबके सामने है। हमारा उद्देश्य तथ्यों को सामने लाना है ताकि भविष्य में कोई भी गिरोह आस्था और विश्वास के साथ इस तरह का खिलवाड़ न कर सके। सच्चाई की जीत हुई है, लेकिन साजिशकर्ताओं के खिलाफ असली लड़ाई अब शुरू हुई है।

