नई दिल्ली | महानगर मेट्रो ब्यूरो : दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन ने पिछले चार वर्षों में जो अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की है, उसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गांधी भवन के निदेशक प्रोफेसर के.पी. सिंह के उत्कृष्ट कार्यों को सराहत हुए उनके कार्यकाल को दो वर्ष के लिए विस्तार (Extension) दे दिया गया है। अब प्रो. सिंह अप्रैल 2028 तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उपलब्धियों का रहा है शानदार सफर
कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने प्रो. के.पी. सिंह के पिछले कार्यकाल के दौरान गांधी भवन को मिली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को इस विस्तार का मुख्य आधार बताया। उनके नेतृत्व में गांधी भवन ने केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि:
गांधीवादी विचारधारा का प्रसार: छात्रों और शिक्षकों को व्यावहारिक रूप से गांधी जी के सिद्धांतों से जोड़ा।
वैश्विक आयोजन: अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्याख्यान, सामाजिक और साहित्यिक समारोहों का सफल आयोजन।
विशिष्ट अतिथियों का आगमन: कार्यकाल के दौरान देश-विदेश की कई नामचीन हस्तियों ने गांधी भवन की गतिविधियों में शिरकत की।
नवाचार (Innovation): गांधीवादी मूल्यों को आधुनिक जीवन में कैसे उतारें, इस पर नए प्रयोग किए गए।
”जिन अपेक्षाओं के साथ कुलपति जी ने मेरा कार्यकाल बढ़ाया है, मैं उन पर खरा उतरने का भरसक प्रयास करूंगा। गांधी भवन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना ही मेरी प्राथमिकता है।”
प्रो. के.पी. सिंह, निदेशक, गांधी भवन : बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं प्रो. सिंह
प्रो. के.पी. सिंह वर्तमान में न केवल गांधी भवन का कार्यभार संभाल रहे हैं, बल्कि वे पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रभारी होने के साथ-साथ दिल्ली पुस्तकालय संघ (DLA) के अध्यक्ष पद का दायित्व भी बखूबी निभा रहे हैं।
विश्वविद्यालय समुदाय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि प्रो. सिंह के मार्गदर्शन में गांधी भवन आगामी वर्षों में शांति और सत्य के मार्ग पर चलते हुए और भी नए आयाम स्थापित करेगा।

