5 अन्य प्रयोगशालाओं में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, अयोग्य कर्मचारियों और गलत जांच रिपोर्ट देने के आरोपों पर विभाग सख्त
आणंद। जिले में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले में संचालित 38 पैथोलॉजी लैब की अचानक जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। नियमों का उल्लंघन करने वाली चार प्रयोगशालाओं का पंजीकरण रद्द कर दिया गया, जबकि पांच अन्य लैब में गंभीर खामियां मिलने पर उनके संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले में नियमों को ताक पर रखकर प्रयोगशालाएं संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, जिले में लंबे समय से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ पैथोलॉजी लैब में आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी जानकारी के बिना ही जांच का काम किया जा रहा है। साथ ही मरीजों को गलत जांच रिपोर्ट देने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा अधिकारियों की टीमों ने जिलेभर में जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान कुछ प्रयोगशालाओं में योग्य पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति के बावजूद उनके नाम की मुहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर मरीजों को रक्त और अन्य नमूनों की जांच रिपोर्ट जारी करने की बात सामने आई। इसे मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना गया।
जांच अभियान के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली चार पैथोलॉजी लैब का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। वहीं, पांच अन्य प्रयोगशालाओं में साफ-सफाई की कमी, समय सीमा समाप्त हो चुके रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल और उचित सत्यापन के बिना जांच रिपोर्ट जारी करने जैसी गंभीर खामियां मिलीं। विभाग ने इन पांचों लैब संचालकों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की जान और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली प्रयोगशालाओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। भविष्य में बिना आवश्यक योग्यता और नियमों के विपरीत लैब संचालित करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध रूप से संचालित प्रयोगशालाओं पर नियंत्रण और मरीजों को विश्वसनीय जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग फिर चर्चा में आ गई है।

