वडोदरा के सिंधरोत में मिली थी 87.728 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बनाने वाली अवैध फैक्ट्री, जांच में सामने आया था अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ाव
गांधीनगर। गुजरात में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2022 के बहुचर्चित एमडी ड्रग्स मामले में लंबे समय से फरार चल रहे अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया सलीम डोला की अभिरक्षा गुजरात एटीएस को मिल गई है। जांच एजेंसियों से बचने के लिए विदेश में छिपे सलीम डोला के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। उसकी गिरफ्तारी और अभिरक्षा मिलने से अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
इस पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। उस दौरान गुजरात एटीएस ने वडोदरा के नजदीक सिंधरोत इलाके में संचालित एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 87.728 किलोग्राम तैयार एमडी ड्रग्स बरामद की थी, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई गई थी। इसके अलावा नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और प्रसंस्करण उपकरण भी जब्त किए गए थे।
जांच को आगे बढ़ाने पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया सलीम डोला का नाम सामने आया था। आरोप था कि वह विदेश में बैठकर भारत में नशीले पदार्थों के निर्माण और उनकी आपूर्ति के नेटवर्क को संचालित करने के साथ इस अवैध कारोबार के लिए आर्थिक मदद भी उपलब्ध करा रहा था।
एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए देश से बाहर चले जाने के बाद उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। गुजरात एटीएस लगातार उसके नेटवर्क और गतिविधियों पर नजर रख रही थी। अब कानूनी प्रक्रिया के बाद उसकी अभिरक्षा मिलने को जांच की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सलीम डोला से पूछताछ के दौरान गुजरात और देश के अन्य हिस्सों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के रास्तों, स्थानीय स्तर पर जुड़े सहयोगियों और हवाला के जरिए होने वाले आर्थिक लेनदेन की जानकारी मिलने की संभावना है। साथ ही जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और इसका संचालन किन देशों से किया जा रहा था।
इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद है।

