बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपने और बच्चों के खिलाफ आदेश आने पर एक महिला ने जज की ओर पर्स फेंकने की कोशिश की। कोर्ट ने महिला के बर्ताव को अनुचित बताते हुए नाराजगी जताई।
हाइलाइट्स
बॉम्बे हाई कोर्ट में महिला ने जज पर पर्स फेंकने की कोशिश की
कोर्ट ने महिला के इस बर्ताव पर उसे कड़ी फटकार लगाई
30 अक्टूबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक महिला ने जज की ओर अपना पर्स फेंकने की कोशिश। अपने और बच्चों के खिलाफ आए कोर्ट के आदेश से महिला नाराज हो गई और उसने ऐसा करने की कोशिश की। महिला के इस बर्ताव ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उसे जमकर फटकार लगाई। हालांकि महिला ने बाद में लिखित रूप में माफी भी मांगी, लेकिन कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाने के संकेत दिए है। जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि मिंडर गुरमीत सिंह ठुकराल का बर्ताव पूरी तरह से अनुचित था जो कंटेप्ट ऑफ कोर्ट के दायरे में आता है।
जानें पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट ठुकराल परिवार के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहा था। मकान मालिक ने 2009 में ठुकराल के ससुर के खिलाफ बेदखली का मुकदमा दायर किया था। कोर्ट ने मकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आदेश अप्रैल 2025 में लागू किया गया। इसके बाद भी ठुकराल परिवार फिर से उस प्रॉपर्टी में जबरन घुस गया। मकान मालिक का परिवार इस मामले को लेकर हाई कोर्ट पहुंचा।
कोर्ट ने महिला के खिलाफ दिया सुनाया फैसला तो भड़की
जस्टिस जामदार ने कहा कि मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि आरोपियों का बर्ताव न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। उन्होंने कोर्ट रिसीवर को निर्देश दिया कि वह प्रॉपर्टी का कब्जा ले लें और याचिकाकर्ताओं को सौंप दें। हाई कोर्ट ने इसके लिए पुलिस सुरक्षा लेने की भी अनुमति दी है। कोर्ट के इस फैसले पर ठुकराल रोने और चिल्लाने लगीं। उसने जज की तरफ अपना पर्स फेंकने की कोशिश की, लेकिन खुद को रोक लिया। इसके बाद उसने लिखित माफीनामा भी सौंपा।
जस्टिस जामदार ने लगाई फटकार
जस्टिस जामदार ने उनके बर्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि आपके खिलाफ कोई आदेश आया है इसका मतलब यह नहीं है कि आप इस तरह का बर्ताव करेंगी। उन्होंने पुलिस को बुलाया और ठुकराल को कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया। जस्टिस जामदार ने उन पर भारी जुर्माना लगाने और अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के संकेत दिए। इस मामले से जुड़ी सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय की है।

