महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में मंगलवार को राज्य कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इसमें सरकार ने राज्य के करीब 1.5 करोड़ सूखा प्रभावित किसानों को 5000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है।
मुंबई: महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त इलाकों के किसानों के लिए देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने दिवाली से ऐन पहले राज्य के सूखा प्रभावित किसानों को 5000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। इस फैसले को गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई। इसके तहत राज्य के कुल 304 सूखा प्रभावित तालुकाओं के 1.5 करोड़ किसानों को दिवाली से पहले 5000 रुपये दिए जाएंगे। यह सहायता राशि राहत और पुनर्वास विभाग की ओर से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
5000 के लिए कौन होगा पात्र?
राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि जिन किसानों की फसल को 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। वे इस सहायता राशि यानी 5000 रुपये के लिए पात्र होंगे। प्रदेश सरकार इस आर्थिक सहायता के लिए कुल 7500 करोड़ रुपये आवंटित करेगी। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए फडणवीस सरकार ने तय किया है कि जिन किसानों ने अन्य सरकारी योजनाओं के लिए पहले ही ई-केवाईसी पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा ई-केवाईसी कराने की जरूरत नहीं होगी।
बैंकों को भी दिए जरूरी निर्देश
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि किसानों को मिलने वाली राहत राशि से बैंकों की ओर से किसी भी तरह की कटौती नहीं की जानी चाहिए। इसके अलावा बैंकों को भी निर्देश देने के लिए कहा गया है कि पुराने कर्ज या बकाये की वसूली के नाम पर किसानों के खातों में जमा होने वाली इस राशि से कोई पैसा न काटा जाए।
किसानों के खाते में कब आएंगे 5000 रुपये?
दरअसल देवेंद्र फडणवीस सरकार का मकसद फसल नुकसान और पानी की किल्लत से जूझ रहे किसानों को त्काल आर्थिक सहायता मुहैया कराना है। इसके तहत करीब डेढ़ करोड़ किसानों के खातों में 5000 रुपये की अग्रिम राहत राशि दिवाली से पहले यानी इसी सप्ताह जमा कराई जाएगी।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले समेत विभागों के सचिव और अन्य मौजूद रहे।

