खेड़ा ज़िले के ठासरा तालुका के ओजराला गांव में एक बहुत ही सनसनीखेज और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। गांव की पंचायत के सरपंच और उसके साथियों ने तालिबानी सोच दिखाते हुए गांव में खेती की फसलों के सर्वे के सरकारी काम के लिए गए दो बेगुनाह सरकारी कर्मचारियों (सर्वे करने वालों) को बुरी तरह टॉर्चर किया है। गंभीर आरोप है कि सरकारी कर्मचारियों को पंचायत में ही रस्सियों से बांधकर गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिससे पूरी पंचायत में भारी हंगामा हुआ।
मिली जानकारी के मुताबिक, ओजराला के सरपंच जयदीप पटेल और सागर पटेल ने सरकारी ड्यूटी के तहत फसल सर्वे का काम पूरा करके लौट रहे कर्मचारियों को रोका और उनसे तीखी बहस की। इसके बाद, घमंडी हो चुके इन लोगों ने दोनों सरकारी कर्मचारियों को पकड़कर ग्राम पंचायत ऑफिस में बंधक बना लिया। वहां उन्हें रस्सियों से बांधकर बुरी तरह पीटा और गालियां दीं। इतना ही नहीं, कर्मचारियों के 24,000 रुपये के मोबाइल फोन भी छीन लिए और उन्हें सीवर में फेंककर तोड़ दिया। यह भी आरोप है कि हमलावरों ने सरकारी कर्मचारियों को साफ-साफ धमकी दी थी कि, “अगर तुमने दोबारा इस गांव में कदम रखा तो जिंदा वापस नहीं जाओगे!” इस घटना के बाद सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कानून के राज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
डरे हुए कर्मचारी तुरंत ठासरा पुलिस स्टेशन पहुंचे और सरपंच जयदीप पटेल और सागर पटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कानूनी कार्रवाई कर रही है। ऑफिसर का बयान: विक्रम सोलंकी (DYSP, कपड़वंज डिवीजन)
“ओजराला गांव में ड्यूटी पर गए सरकारी कर्मचारियों के साथ बदसलूकी, मारपीट और ड्यूटी में रुकावट डालने के मामले में ठासरा पुलिस स्टेशन में एक गंभीर शिकायत दर्ज की गई है। सरकारी कर्मचारियों पर इस तरह की बदमाशी या हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है।”

