उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। थाना नारखी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाटऊ में तैनात सर्जन डॉ. अनीता कुमारी पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला का नसबंदी ऑपरेशन बिना बेहोशी का इंजेक्शन लगाए ही कर दिया, जिसके बाद मरीज दर्द से तड़पती रही।
फिरोजाबाद: फिरोजाबाद जिले के थाना नारखी क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाटऊ में स्वास्थ्य महकमे को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां तैनात सर्जन डॉक्टर अनीता कुमारी पर एक महिला का नसबंदी ऑपरेशन बिना बेहोशी का इंजेक्शन लगाए करने का गंभीर आरोप लगा है।
बताया जा रहा है कि शनिवार को पीएचसी में नसबंदी कैंप लगा था। एक महिला को ऑपरेशन के लिए ओटी में ले जाया गया। आरोप है कि डॉक्टर ने महिला को बिना एनेस्थीसिया दिए ही ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिससे मरीज दर्द से तड़पने लगी। वहां मौजूद आशा कार्यकर्ता ने जब इसका विरोध किया और मरीज को पहले बेहोश करने की बात कही, तो डॉक्टर अनीता कुमारी आग बबूला हो गईं।
विरोध पर हाथापाई और गर्म चाय फेंकी
पीड़ित आशा वर्कर सपना चौहान ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उनका हाथ पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और घसीटते हुए ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, ऑपरेशन के बाद जब विवाद बढ़ा तो डॉक्टर ने कथित तौर पर उनके ऊपर गर्म चाय फेंक दी। इससे सपना के हाथ में जलन हो गई और छाले पड़ गए। सपना का आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि “मैं तुम्हारी नौकरी खा जाऊंगी, ज्यादा नेता मत बनो।
थाने पहुंचीं दो दर्जन आशा वर्कर
इस घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक आशा कार्यकर्ता एकजुट होकर नारखी थाने पहुंच गईं और डॉक्टर के खिलाफ तहरीर देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। आशा वर्करों ने पीएचसी पर डॉक्टर को हटाने और बदसलूकी करने वाली डॉक्टर पर केस दर्ज करने की मांग की है। वहीं इस मामले में सीएमओ कार्यालय का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने भी तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

