ग्वालियर में 26 बच्चों की बरामदगी के बाद दारुल कुरआन मदरसे को सील कर दिया है। यहां वैसी किताबें मिली हैं, जिनमें दूसरे धर्मों के बारे में भड़काऊ बाते हैं। अलग-अलग राज्यों से बच्चों को लाकर दो कमरे में चल रहे इस मदरसे में रखा जाता था।
हाइलाइट्स
ग्वालियर में दारुल कुरआन मदरसे को सील किया गया
26 बच्चों को यहां से किया गया था बरामद
अवैध तरीके से दो कमरे में हो रहा था मदरसे का संचालन
मदरसे में भड़काऊ अध्ययन सामाग्रियां मिलीं
ग्वालियर: दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई के बाद वहां से 26 बच्चे-बच्चियों को रेस्क्यू किया गया था। दूसरे दिन भी वहां टीम जांच के लिए पहुंची थी। इस दौरान कई बातें निकलकर आई हैं। दो कमरे में संचालित हो रहे इस मदरसे में भड़काऊ पढ़ाई की सामाग्री मिली है।
एजी ऑफिस बिल्डिंग के पास चल रहा था अवैध मदरसा
दरअसल, इस मदरसे का संचालन एजी ऑफिस बिल्डिंग के पीछे हो रहा था। यहां से रेस्क्यू किए गए बच्चों से करीब आठ घंटों तक पूछताछ चली है। इस दौरान यहां की गतिविधियों के बारे में उनसे बात की है। इसके साथ ही फॉरेन फंडिंग की भी जा की जा रही है।
मदरसे में भड़काऊ सामाग्री मिली
इसके साथ ही मदरसे सेदूसरे धर्म के खिलाफ भड़काऊ अध्ययन सामाग्री भी मिले हैं। जांच के लिए पहुंची टीम ने वहां पढ़ाई जाने वाली किताबें और कुछ सीडी जब्त की हैं, जिनकी जांच की जाएगी।
मदरसा सील कर दिया
वहीं, देर रातग्वालियर जिला प्रशासन ने मदरसा को सील कर दिया है। जांच प्रक्रिया के दौरान बाल आयोग की टीम भी शामिल है। इसके साथ ही वहां पड़ी किताबें भी अजीब थी। जैसे इस्लाम आतंक? या आदर्श, कल्कि अवतार और मुहम्मद साहब और नसीमे हिदायत के झोंके जैसी किताबें हैं।
26 बच्चों को यहां से किया गया है रेस्क्यू
दारुल कुरआन मदरसे से 26 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और यूपी के रहने वाले बच्चे हैं। इसके बाद कुछ बच्चों के परिजन ग्वालियर पहुंचे थे। साथ ही सीडब्ल्यूसी के दफ्तर का घेराव किया।
दो कमरे में चल रहा था मदरसा
यह मदरसा दो कमरे में चल रहा है। दो कमरों में इन बच्चों को ठूंस-ठूंसकर रखा गया था। वहीं, बच्चियां बुर्के पहन रखी थी। कुछ बच्चियों ने मारपीट की शिकायत की थी। कमरों में गंदगी फैली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन बच्चों ने कहा कि हमें घर भेज दो।
हम धर्म पढ़ा रहे
अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि मदरसे में बच्चों को स्कूली शिक्षा नहीं दी जा रही थी। इनको सिर्फ धार्मिक शिक्षा दी जाती है। जांच में ये बातें सामने आई हैं कि बच्चों को दूसरे धर्म की कमियां पढ़ाई जाती हैं लेकिन इस्लाम को महान बताया जाता है।

