सांसद और विधायकों के भारी दबाव के तहत लिया गया निर्णय, राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू
संगठन और नेतृत्व के बीच के आंतरिक कलह ने लिया बड़ा रूप
नर्मदा जिले की राजनीति में अचानक भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा नर्मदा जिला भाजपा अध्यक्ष नील राव को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। संगठन में लंबे समय से चल रही खींचतान और आंतरिक असंतोष के बीच आए इस अचानक फैसले से पूरे राज्य के राजनीतिक हलकों में भारी चर्चा छिड़ गई है।
सांसद और विधायकों के दबाव का परिणाम?
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिला अध्यक्ष पद से नील राव को हटाने के लिए पिछले कुछ समय से स्थानीय स्तर पर मोर्चाबंदी की गई थी। सूत्रों का दावा है कि यह फैसला कोई सामान्य संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि जिले के सांसद और विधायकों के लगातार और भारी दबाव के तहत हाईकमान द्वारा यह कदम उठाया गया है।
स्थानीय नेतृत्व और संगठन प्रमुख के बीच तालमेल की कमी की चर्चाएं पहले से ही चल रही थीं। आंतरिक असंतोष इस हद तक बढ़ गया था कि आखिरकार पार्टी के बड़े नेताओं ने अध्यक्ष को हटाने के लिए अभ्यावेदनों का दौर शुरू कर दिया था, जिसका परिणाम अब सामने आया है।
आने वाले समय में नए चेहरे की रेस शुरू
नील राव को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अब नर्मदा जिला भाजपा की कमान किसके हाथों में जाएगी? इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। आने वाले समय में जिले में पार्टी की पकड़ मजबूत रखने और गुटबाजी पर लगाम लगाने के लिए हाईकमान किस नए चेहरे पर पसंदगी जताता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

